हेपेटाइटिस: बचाव ही एक मात्र उपाय : अभियान निदेशक
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर बीएनआर चाणक्या में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
RANCHI: बीएनआर चाणक्या होटल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा हेपेटाइटिस: लेट्स ब्रेक इट डाउन थीम के तहत राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ डॉ. कमलेश कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी, वायरल हेपेटाइटिस प्रोग्राम, के स्वागत भाषण और मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने भी अपना संबोधन रखा।
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने रोकथाम और जागरूकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि बचाव ही एकमात्र इलाज है, इसलिए हमें प्रिवेंशन की ओर मजबूती से कदम बढ़ाने होंगे।

उन्होंने समाज में हेपेटाइटिस को लेकर जागरूकता की कमी को एक प्रमुख चुनौती बताया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निचले स्तर तक मरीजों की पहचान करने तथा उन्हें तुरंत इलाज से जोड़ने के लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, क्षेत्रीय अस्पतालों और जांच प्रयोगशालाओं के बीच बेहतर तालमेल बैठाने पर जोर दिया
ताकि जांच और इलाज की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो। विशेषज्ञों की कमी और बीमारी की जटिलता को देखते हुए श्री झा ने त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता जताई और छोटे जिलों से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए सभी आवश्यक जांच अभियान शुरू करने का सुझाव दिया।
इसके बाद राज्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार कर्ण ने राज्य में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और 2030 तक हेपेटाइटिस उन्मूलन पर अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में हेपेटाइटिस सी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके मरीजों को प्रमाण पत्र सौंपे गए तथा समाज में जागरूकता फैलाने वाले पीयर सपोर्टर्स को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तकनीकी सत्र में रिम्स रांची के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने वायरल हेपेटाइटिस बी व सी की लैब जांच एवं वायरल लोड टेस्टिंग की चुनौतियाँ विषय पर व्याख्यान दिया।
इसके बाद हेपेटाइटिस बी एवं सी के उपचार विषय पर रिम्स के मेडिसिन विभाग से डॉ. अजीत डुंगडुंग (प्रोफेसर व नोडल पदाधिकारी),
डॉ. सिद्धार्थ कपूर (सहायक प्रोफेसर) तथा डॉ. रश्मि सिन्हा ने विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. बीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. पुष्पा, डॉ पंकज सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, एनएचएम के कंसल्टेंट्स व समन्वयक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रस्तुत 2017 से जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार कुल 2,94,411 जांच, राज्य में हेपेटाइटिस बी (एचबीवी) की पॉजिटिविटी दर 3.36% से घटकर 1.58% पर आ गई है,
जबकि हेपेटाइटिस सी (एचसीवी) की दर 0.14% से बढ़कर 0.64% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है। अंत में डॉ. कमलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और कार्यक्रम संपन्न हुआ।
