October 21, 2026

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विजयादशमी : संघ शताब्दी वर्ष, उपक्रम और चुनौती

- कैलाशचंद्र विजयादशमी केवल विजय का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, संकल्प और नवप्रयास का पर्व है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के...

आरटीआई: दो दशकों का सफर और चुनौतियां

सूचना का अधिकार स्थापना दिवस (12 अक्टूबर ) पर विशेष - आत्मदीप, पूर्व सूचना आयुक्त 12 अक्टूबर, 2005 को जब...

रानी दुर्गावती : एक कर्मयोगिनी का बलिदान

- डॉ. निवेदिता शर्मा जब जीवन मातृभूमि, स्वाभिमान और कर्तव्य के लिए समर्पित हो जाता है, तब मृत्यु इतिहास का...

बच्चों की कल्पनाओं को मिलेगा शब्दों का आकाश, भोपाल में 26 अक्टूबर को बाल साहित्यकार सम्मेलन

भोपाल। बच्चों की दुनिया में एक छोटी-सी कहानी भी बड़ा सपना जगा सकती है, कविता की दो पंक्तियां उनके भीतर...

श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाश उत्सव : वाणी का प्रकाश, मानवता का मार्ग

- कैलाश चन्द्र भारत की धरती केवल पर्वतों, नदियों और नगरों की धरती नहीं है। यह ऋषियों, मुनियों, संतों और...

सांस्कृतिक अस्मिता की ‘घर वापसी’: छत्तीसगढ़ का जनजाति समाज फिर लौटा अपनी मूल संस्कृति की ओर

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी रायपुर/बस्तर। बस्तर के जंगलों में फिर मांदर की थाप सुनाई देने लगी है। देवगुड़ियों में दीप...

अनुच्छेद 370 से 5 अगस्त 2019 तक: जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक यात्रा, राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिबिंब

- कैलाश चन्द्र स्वतंत्रता के साथ ही भारत के अनेक जटिल प्रश्न राष्ट्र के समक्ष उपस्थित हुए। इनमें सबसे संवेदनशील...

भारतीय मजदूर संघ : 71 वर्षों की राष्ट्रनिष्ठ श्रमिक यात्रा, जिसने श्रम आंदोलन को दिया भारतीय दृष्टिकोण

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी 23 जुलाई 1955 को स्थापित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) आज केवल देश का सबसे बड़ा श्रमिक...

“आओ, अब घर लौट चलें”: गुजरात में 25 लोगों ने की शारदापीठ शंकराचार्य की प्रेरणा से घर वापिसी

गुजरात । गुजरात के आदिवासी बहुल छोटा उदेपुर जिले में शनिवार को धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन 'स्वधर्मानयन' अभियान को एक...

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