लेख-विचार

जोसारू का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मिला, ज्ञापन सौंपा

जोसारू द्वारा राज्यपाल को वार्षिक स्मारिका स्पंदन-3 की प्रति भेंट की गई  RANCHI:  जर्नलिज्म ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ रांची यूनिवर्सिटी...

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने डॉ मेघा रानी को किया सम्मानित

RANCHI:  राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ मेघा रानी को लोक भवन में आमंत्रित कर उन्हें आशीर्वाद...

नवनियुक्त सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा का रांची प्रेस क्लब में अभिनंदन

सूचना का अधिकार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: बलबीर दत्त  सूचना का अधिकार...

प्रखर राष्ट्रवाद में ओझल सावरकर का भाषाई योगदान

-प्रो. एस.के.सिंह दुनिया में ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जायेंगे जहां पर किसी व्यक्ति का जब एक विशेष पक्ष लोकप्रियता...

शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की चेतना एवं राष्ट्र की प्रगति का आधार है : राज्यपाल

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा चाणक्य बीएनआर होटल, राँची में आयोजित दो दिवसीय कुलपति सम्मेलन का उद्घाटन...

(पुण्‍य स्‍मरण) सेवा, साधना और संवेदना के पर्याय अनिल माधव दवे

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति में प्रकृति को चेतना माना गया है। नदियाँ यहां मां हैं, वृक्ष देवता हैं और...

अनुसूचित जाति आरक्षण और मतांतरण: संवैधानिक सीमाएँ, न्यायिक दृष्टिकोण

-कैलाश चन्द्र भारत का संवैधानिक ढाँचा अनुसूचित जातियों (एससी) को उन ऐतिहासिक सामाजिक विषमताओं से उबारने के लिए विशेष संरक्षण...

डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

-डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे भारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज के सामने सीमित रूप...

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्र भारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता के बीच आज हमारे...

भारतीयता में समाहित है वैश्विक कल्याण का मार्ग

- प्रो. एस. के. सिंह वर्तमान में अविश्वास की परतों से घिरी हुई विश्व व्यवस्था अनेक प्रकार के संघर्षों एवं...

खबरें एक नजर में…