सोनम वांगचुक का 19 दिन का अनशन साबित करता है कि मोदी सरकार लोकतंत्र की दुश्मन: विजय शंकर नायक
भाजपा संवाद का रास्ता अपना कर सोनम वांगचुक की 19 दिन की पुरानी भूख हड़ताल को समाप्त कराए
RANCHI: झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने आज कहा की भाजपा सरकार असहिष्णुता और दमन पर आधारित राजनीति करती है।
जहां कांग्रेस ने लोकतंत्र को मजबूत किया, वहां भाजपा इसे कमजोर करने पर तुली हुई है। सोनम वांगचुक प्रकरण भाजपा की लोकतंत्र-विरोधी मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण है।
2011 के ऐतिहासिक अन्ना हजारे जन लोकपाल आंदोलन में कांग्रेस-नेतृत्व वाली UPA सरकार ने संवाद का रास्ता अपनाया, संयुक्त समिति गठित की और जनता की मांगों को संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से मजबूती दी।
कांग्रेस ने विरोध को कुचलने की बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया, जिससे लोकतंत्र और मजबूत हुआ।
श्री नायक ने आगे कहा की आज मोदी सरकार के शासन में ठीक उलटा हो रहा है। लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और गांधीवादी सोनम वांगचुक छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण राज्य और संवैधानिक सुरक्षा की बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भाजपा ने 2020 में किए गए वादों की खुलेआम वादाखिलाफी की है। शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर NSA जैसे कठोर कानून लगाए गए, प्रदर्शनों को हिंसा का नाम देकर दबाया गया और संवाद की बजाय दमन की नीति अपनाई गई। वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
सोनम वांगचुक 19 दिनों से (29 जून 2026 से) दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है — उन्होंने 8-9 किलो वजन खो दिया है, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर dangerously कम हो गया है — फिर भी वे अपनी न्यायोचित मांगों पर अडिग हैं।
मोदी सरकार इस मानवीय संकट को भी पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है, जो भाजपा की क्रूर और असंवेदनशील राजनीति को उजागर करता है।
श्री नायक नी साफ़ शब्दों में कहा की सोनम वांगचुक प्रकरण भाजपा की लोकतंत्र-विरोधी मानसिकता का जीता-जागता प्रमाण है। यह घटना साफ-साफ दिखाती है कि भाजपा सरकार असहमति बर्दाश्त नहीं कर सकती, जनता के शांतिपूर्ण संघर्ष को कुचलने पर आमादा है और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही है।
झारखंड कांग्रेस इस तानाशाही वाले रवैए की निंदा करती है और सोनम वांगचुक जी के स्वास्थ्य की चिंता व्यक्त करती है। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि वह तुरंत लद्दाख की मांगों पर संवाद शुरू करे और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करे।
देश की जनता अब इस फासीवादी रवैए को अच्छी तरह पहचान चुकी है। भाजपा की यह मानसिकता न सिर्फ लद्दाख बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
श्री नायक ने आगे कहा की देशहित में सोनम वांगचुक से भाजपा को 2011 के ऐतिहासिक अन्ना हजारे जन लोकपाल आंदोलन में कांग्रेस-नेतृत्व वाली UPA सरकार ने संवाद का रास्ता अपनाया था उसी तर्ज पर भाजपा संवाद का रास्ता अपना कर सोनम वांगचुक की 19 दिन की पुराणी भूख हड़ताल को समाप्त कराए।
