देवघर में स्वास्थ्य मंत्री का सख्त संदेश: श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सम्मान से कोई समझौता नहीं”

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जीरो टॉलरेंस ऑन हेल्थ इमरजेंसी: श्रावणी मेले को लेकर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान”

“बाबा बैद्यनाथ की सेवा में पूरी सरकार मैदान में, स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागों को किया अलर्ट”

DEVGHAR: श्रावणी मेला-2026 की व्यापक तैयारियों का जायजा लेने के लिए झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी आज बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचे।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सेवा में किसी भी स्तर की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में देवघर, दुमका, जामताड़ा सहित सभी संबंधित जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं, कांवरिया पथ पर चिकित्सा सुविधाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता एवं प्रशासनिक समन्वय की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम की सेवा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का विषय है।

उन्होंने कहा कि बाबा की नगरी में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु भगवान शिव का अतिथि है और उसकी सेवा करना हम सभी का सर्वोच्च दायित्व है।

राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी श्रद्धालु इलाज, सुविधा या सम्मान के अभाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करे।

डॉ. अंसारी ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान 228 डॉक्टरों एवं 400 से अधिक पारा स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र सहित 41 स्वास्थ्य संस्थान चौबीसों घंटे कार्यरत रहेंगे।

देवघर सदर अस्पताल में 100 बेड तथा एम्स देवघर में 50 बेड विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी अस्पतालों में इमरजेंसी, ट्रॉमा, आईसीयू, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी तथा रेफरल सेवाओं को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर नियमित अंतराल पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट एवं पैरामेडिकल कर्मी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे।

हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, संक्रमण, सर्पदंश, चोट एवं अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयों, ऑक्सीजन, जीवनरक्षक इंजेक्शन, ORS तथा आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

जरूरत पड़ने पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा के दौरान संबंधित सिविल सर्जनों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी संसाधन की आवश्यकता होने पर तत्काल विभाग को प्रस्ताव भेजें।

फंड की कमी विकास और सेवा में बाधा नहीं बनने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ते ही अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

खाद्य सुरक्षा को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

विशेष रूप से बाबा बैद्यनाथ धाम के प्रसिद्ध पेड़ा प्रसाद की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि पेड़ा, प्रसाद, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों तथा सभी स्ट्रीट वेंडरों के खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए।

मिलावट या नकली खाद्य सामग्री बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि कांवरिया पथ पर स्वच्छ पेयजल, बालू बिछाने, पर्याप्त शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल, दाल-भात सेवा केंद्रों की गुणवत्ता, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा ट्रांसफार्मरों की सुचारु व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

खाद्य एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाने तथा पेयजल एवं खाद्य सामग्री की नियमित जांच के भी निर्देश दिए गए।

डॉ. अंसारी ने जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि पूरा जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करे तथा श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि दर्शन व्यवस्था सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होनी चाहिए तथा ऐसी कोई परिस्थिति उत्पन्न न हो जिससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़े।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा, “मेरे पिता, पूर्व सांसद  फुरकान अंसारी जी वर्षों से बाबा बैद्यनाथ धाम की सेवा करते रहे हैं।

मुझे भी बाबा की सेवा करने का अवसर मिला है। यह मेरे जीवन का सौभाग्य है।

मैं पूरी निष्ठा से यह सुनिश्चित करूंगा कि यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, सम्मान और मानवीय व्यवहार का अनुभव लेकर अपने घर लौटे। यही मेरे लिए भगवान शिव की सच्ची सेवा है।”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस ऑन हेल्थ इमरजेंसी’ की नीति पर कार्य कर रही है।

हमारा संकल्प है कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में कोई परेशानी न हो और झारखंड की व्यवस्थाएं पूरे देश के लिए उदाहरण बनें।

बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा,DIC डॉ सिद्धार्थ सान्याल, देवघर के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक,

स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संबंधित जिलों के सिविल सर्जन, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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