रांची में कैंसर सर्जरी का नया अध्याय, मुंबई-हैदराबाद जैसी जटिल सर्जरी अब झारखंड में
RANCHI : झारखंड में मुख कैंसर के इलाज और जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। झारखंड कैंसर सेंटर, रांची में 5 और 6 सितंबर को ‘झारखंड ऑन्कोरीकन 2026’ का आयोजन किया गया।
यह सम्मेलन मुख कैंसर सर्जरी और रिकंस्ट्रक्शन पर केंद्रित लाइव ऑपरेटिव वर्कशॉप के रूप में आयोजित हुआ।

वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य ऐसी जटिल सर्जिकल सुविधाओं को रांची में ही उपलब्ध कराना था, जिनके लिए पहले मरीजों को मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने लाइव ऑपरेटिव प्रदर्शन के जरिए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया।
सम्मेलन में टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के कंसल्टेंट डॉ. विनीत पिलानिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मुख कैंसर सर्जरी और रिकंस्ट्रक्शन की अपनी सर्जिकल तकनीकों का प्रदर्शन किया।
वहीं डॉ. प्रिंस कुमार गुप्ता ने फिबुला फ्री फ्लैप तकनीक के जरिए जबड़े यानी मैंडिबल का पुनर्निर्माण प्रदर्शित किया। इसमें पैर की फिबुला हड्डी का इस्तेमाल जबड़े के पुनर्निर्माण के लिए किया गया, जबकि उससे जुड़े स्किन पैडल के जरिए त्वचा और म्यूकोसा की मरम्मत की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जनों डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. अरविंद प्रकाश, डॉ. अनंत सिन्हा, डॉ. विक्रांत, डॉ. प्रियंका और डॉ. तन्मय ने सहभागिता की। जमशेदपुर से डॉ. पंकज सिंधोदिया और डॉ. वी.एस.पी. सिन्हा भी शामिल हुए।
इसके अलावा बिहार-झारखंड प्लास्टिक सर्जरी एसोसिएशन के अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. ललित मिंज समेत एसोसिएशन के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
झारखंड और देश के विभिन्न हिस्सों से आए जूनियर प्लास्टिक सर्जनों और रेजिडेंट्स ने भी इस वर्कशॉप में हिस्सा लेकर आधुनिक कैंसर सर्जरी और रिकंस्ट्रक्शन तकनीकों की जानकारी हासिल की।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह की पहल से झारखंड में ही जटिल मुख कैंसर सर्जरी और रिकंस्ट्रक्शन की विशेषज्ञ सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
