किडनी शरीर का आर ओ सिस्टम, टाक्सीन को निकालता है बाहर : डॉ धीरज कुमार

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ज्यादा पेन किलर खाने से भी होता है किडनी पर असर 

किडनी खराब होने से ब्लडप्रेशर कंट्रोल नही होता है

नियमित व्यायाम से शरीर का मेटाबाल्जिम डिजिज से छुटकारा संभव: डॉ प्रतीम सेनगुप्ता

RANCHI:  चाणक्य होटल में कोलकाता के सबसे जाने-माने कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. प्रतीम सेनगुप्ता के नेतृत्व में राँची के होटल BNR में मिडिया संवाद किया गया।

जिसमे राँची के जाने माने डॉक्टर, बिजनेसमैन, सामजसेवी एवं पत्रकार बंधु लोग शामिल हुए।

.Nephrocare India Ltd. के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ प्रतीम सेन गुप्ता ने अपने संगठन का परिचय मिडिया के माध्यम से लोगो को दिया।

साथ ही, वे झारखंड सरकार के साथ मिलकर राज्य में किडनी की देखभाल की सेवाओं को मज़बूत करने में अपनी रुचि व्यक्त किया और अपने अनुभव को सभी के सामने साझा किया।

डॉ गुप्ता ने किडनी के प्रारंभिक लक्षण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पेशाब मे फेन आना.शरीर मे सूजन, पैरो मे सूजन और कमजोरी , खाना खाने का इच्छा ना होना और खून की कमी होना प्रमुख लक्षण है।

इस स्थिति मे किडनी रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

डॉ प्रतीम सेनगुप्ता ने बताया कि ज्यादा पेन किलर खाने से भी किडनी पर असर पडता है।

डॉ सेनगुप्ता ने बताया कि किडनी खराब होने से ब्लडप्रेशर कंट्रोल नही होता है।

एक प्रश्न के उत्तर मे डॉ सेनगुप्ता ने बताया कि प्रति दिन दो बार व्यायाम करने से किडनी की बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

साथ ही मेटाबाल्जिम डिजिज से छुटकारा पा सकते है।इससे ब्लडप्रेशर, सुगर और यूरिया नार्मल होता है।

मिडिया संवाद मे डॉ धीरज कुमार ने कहा कि किडनी शरीर का आर ओ सिस्टम है।

किडनी का मुख्य कार्य शरीर के टाक्सीन को बाहर निकालता है। जब किडनी खराब होता है तो डायलिसिस करना पडता है।

Nephrocare India Ltd.का एक परिचय :- Nephrocare India Ltd एक पब्लिक लिस्टेड और तेज़ी से बढ़ने वाला हेल्थकेयर संगठन है, जो किडनी की 360-डिग्री समग्र देखभाल देने के लिए समर्पित है।

इसकी सेवाओं में आधुनिक डायलिसिस देखभाल (जिसमें सेंटर और सैटेलाइट यूनिट शामिल हैं), क्रोनिक किडनी रोग (CKD) का शुरुआती पता लगाना और रोकथाम, किडनी ट्रांसप्लांट में सहायता, ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल,

और समुदाय-आधारित जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम शामिल हैं। इसका दृष्टिकोण क्लिनिकल उत्कृष्टता को पहुँच और सामर्थ्य के साथ जोड़ता है,

खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें अभी तक पूरी सुविधाएँ नहीं मिली हैं।

पिछले कुछ सालों में, संगठन ने ऐसे किडनी देखभाल मॉडल बनाने पर ध्यान दिया है जिन्हें बढ़ाया जा सके और जो लंबे समय तक चल सकें।

इसके लिए इसने मानकीकृत प्रोटोकॉल अपनाए हैं, जिससे लागत को नियंत्रित रखते हुए गुणवत्तापूर्ण इलाज के परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

इसका मिशन शुरुआती हस्तक्षेप, मरीज़ों की शिक्षा और एकीकृत देखभाल वितरण प्रणालियों के माध्यम से किडनी रोग के बोझ को कम करना है।

इस संबंध में, कोलकाता स्थित यह संगठन अपनी सेवाओं का विस्तार झारखंड राज्य में करने और एक मज़बूत किडनी देखभाल तंत्र विकसित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है।

हम ये प्रस्ताव देते हैं:
• मुख्य ज़िलों में अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर स्थापित करना
• सामुदायिक स्तर पर स्क्रीनिंग और CKD का शुरुआती पता लगाने वाले कार्यक्रम लागू करना
• किडनी स्वास्थ्य सेवा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की पहलों का समर्थन करना
• किफायती और मानकीकृत इलाज सेवाएँ सुनिश्चित करना
• हेल्थकेयर पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना
Nephhrocare की व्यवस्था राँची के सीनर्जी ग्लोबल हॉस्पिटल एवं देवानिका हॉस्पिटल के साथ मिलकर राँची में कार्य कर रहे है.
Nephrocare का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि झारखंड के लोगों को किडनी की सुलभ, उच्च-गुणवत्ता वाली और व्यापक देखभाल मिले, जिससे इलाज के परिणाम बेहतर हों और लंबे समय तक चलने वाले स्वास्थ्य देखभाल के बोझ में कमी आए। Nefrocare
डॉ प्रतिम सेन गुप्ता ने नेन्फ्रोलॉजी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

भारत की सबसे बड़ी डायलिसिस सेवा प्रदाता कंपनी है जो किडनी की गंभीर बीमारियों के लिए हीमोडायलिसिस, पेरिटोनियल डायलिसिस और घर पर डायलिसिस जैसी व्यापक सेवाएं प्रदान करती है।

यह मुख्य रूप से 288+ शहरों में उन्नत तकनीक के साथ डायलिसिस और किडनी प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती है।
नेफ्रोकेयर क्या है?
परिभाषा: नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज लिमिटेड (NHSL) भारत की अग्रणी किडनी केयर श्रृंखला है जो संगठित क्षेत्र में सबसे ज्यादा डायलिसिस उपचार प्रदान करती है।

सेवाएं: केंद्र-आधारित डायलिसिस, होम हीमोडायलिसिस, ऑन-कॉल डायलिसिस, और ऑन-व्हील्स डायलिसिस।
उपलब्धता: 21 राज्यों में 500+ से अधिक क्लीनिक, जिसमें छोटे शहरों (Tier II, III) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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किडनी रोग का उपचार कैसे जानें? (Treatment Options)
नेफ्रोकेयर के तहत किडनी रोग का उपचार नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) के परामर्श से किया जाता है।

डायलिसिस (Dialysis): जब किडनी काम करना बंद कर देती है, तो मशीन द्वारा रक्त को साफ किया जाता है।

किडनी प्रत्यारोपण (Transplantation): गंभीर मामलों में, डॉक्टर जीवित या मृत दाता से किडनी प्रत्यारोपण का मूल्यांकन करते हैं।
जीवनशैली और आहार: नेफ्रोकेयर व्यक्तिगत योग सत्र और पुनर्वसन सेवाएं भी प्रदान करता है।

दवाएं: रक्तचाप, मधुमेह, और प्रोटीन की हानि को नियंत्रित करने के लिए दवाओं का उपयोग।

कैसे जांचें (How to Know)
यदि आपको किडनी की समस्या के लक्षण (जैसे सूजन, पेशाब में बदलाव, थकान) महसूस हों, तो आप नेफ्रोकेयर के वेबसाइट के माध्यम से या किसी नजदीकी क्लीनिक में जाकर अपनी जांच और उपचार शुरू करा सकते हैं।

नेफरोकेयर इंडिया लिमिटेड के कार्यक्रम में सिनर्जी ग्लोबल हॉस्पिटल की ओर से डॉ रंजीत कुमार, राँची के प्रतिष्ठित व्यवसायी राज कुमार पोद्दार, डॉ सुनील रूंगटा, डॉ धीरज कुमार नेफ़्रॉलोजिस्ट, डॉ नीरज कुमार,

सौमित्र कुमार, अर्जमंन नसीम, अरफ़ा हबीब, निशांत कुमार सहित गण मान्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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