कुव्यवस्था छुपाने के लिए मीडिया की एंट्री रोकना चाहता है रिम्स प्रबंधन : रमाकांत महतो

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स्वास्थ्य व्यवस्था को चौपट करना ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का मकसद

मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मानसिकता कांग्रेस की कार्यसंस्कृति का परिचायक

रिम्स में मीडिया के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध वाले निर्णय को तत्काल वापस ले राज्य सरकार

RANCHI: राज्य के सबसे बड़े एवं प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान रिम्स में मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के निर्णय पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने रिम्स प्रबंधन एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने का आरोप लगाया है।

श्री महतो ने कहा कि रिम्स में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय पूरी तरह अलोकतांत्रिक, तानाशाहीपूर्ण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने और व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करने की होती है। ऐसे में मीडिया को अस्पताल परिसर से दूर रखने का प्रयास कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग जनता के समक्ष स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति आने से भयभीत हैं।

यही कारण है कि रिम्स में व्याप्त अव्यवस्थाओं, मरीजों की समस्याओं तथा प्रशासनिक खामियों को छुपाने के लिए मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे निर्णय लिए जा रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का रहा है।

उन्होंने कहा कि देश ने आपातकाल के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों को देखा है और आज झारखंड में उसी मानसिकता की झलक दिखाई दे रही है। मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

श्री महतो ने कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। दवा खरीद, स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद, एएनएम नियुक्ति, सुरक्षा गार्ड नियुक्ति सहित विभिन्न मामलों में पारदर्शिता पर लगातार प्रश्नचिह्न लगते रहे हैं।

ऐसी स्थिति में मीडिया की निगरानी और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग और अधिक आवश्यक हो जाती है।

उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में मीडिया के प्रवेश पर इस प्रकार की रोक का कोई उदाहरण देखने को नहीं मिलता। झारखंड सरकार को अपनी विफलताओं को छुपाने के बजाय स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।

अंत में श्री महतो ने राज्य सरकार से रिम्स में मीडिया प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधात्मक निर्णय को तत्काल वापस लेने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करने की मांग की।

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