भारतीय अंगदान दिवस पर SOTTO झारखंड द्वारा जनजागरूकता के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन

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RANCHI: भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO), झारखंड द्वारा राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष वृक्षारोपण अभियान से हुई। इस अभियान की विशेषता यह रही कि ऐसे पौधों के तनों (Stem Cuttings) का रोपण किया गया, जिनसे एक नया पौधा विकसित हो सकता है।

यह पहल अंगदान के संदेश—”एक जीवन से अनेक जीवनों को नई आशा”—का प्रतीक रही।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में रिम्स के निदेशक प्रो (डॉ) दीपेंद्र कुमार सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो (डॉ) हिरेंद्र बिरुआ, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, क्रिटिकल केयर प्रभारी प्रो (डॉ) प्रदीप भट्टाचार्या, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रज्ञा पंत घोष,

SOTTO नोडल पदाधिकारी डॉ मनीषा कुजूर तथा रिम्स नर्सिंग कॉलेज के श्री आनंद कुजूर ने सहभागिता कर पौधारोपण किया।

मौके पर रिम्स के निदेशक ने कहा,”अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति का लिया गया अंगदान संकल्प कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन दे सकता है।

समाज में अंगदान से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना समय की आवश्यकता है।जागरूकता बढ़ाकर ही हम अधिक से अधिक लोगों को इस जीवनदायी अभियान से जोड़ सकते हैं।

भारतीय अंगदान दिवस हम सभी के लिए यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम स्वयं भी अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाएँ और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।”

 

इसके उपरांत रिम्स नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं सैनिटरी इंस्पेक्टरों द्वारा अंगदान जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुति ट्रॉमा सेंटर,

यूरोलॉजी ओपीडी तथा न्यूरोसर्जरी ओपीडी परिसर में आयोजित की गई। नाटक के माध्यम से अंगदान से जुड़े मिथकों का खंडन करते हुए ब्रेन स्टेम डेथ, अंगदान की आवश्यकता तथा समाज में इसकी महत्ता का प्रभावी संदेश आमजन तक पहुँचाया गया।

भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर रिम्स क्विज़ सोसाइटी के सहयोग से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में एमबीबीएस, बीडीएस एवं नर्सिंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया

और अंगदान जागरूकता विषय पर अपनी रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषय की अवधारणा तथा प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया।

विजेता प्रतिभागियों को डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य, डॉ. अरशद जमाल, डॉ. प्रज्ञा पंत एवं डॉ. मनीषा कुजूर द्वारा सम्मानित किया गया।

इसके अलावा नुक्कड़ नाटक में उत्कृष्ट अभिनय करने वाले दो छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-स्वरूप सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो व्यक्तियों ने स्वेच्छा से अंगदान का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर उन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में ऐसे पौधे भेंट किए गए, जिन पर अंगदान प्रतिज्ञा (Organ Donation Pledge) के लिए एक क्यूआर (QR) कोड अंकित था।

इस अभिनव पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को क्यूआर कोड स्कैन कर अंगदान की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना तथा “एक संकल्प से अनेक संकल्प” की श्रृंखला (Chain of Pledge) तैयार करना है।

इस अवसर पर SOTTO झारखंड ने आमजन से अपील की कि वे अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाएँ तथा अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा कर अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करें।

अंगदान किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा उपहार है, जो कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है।

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