रिम्स, रांची में एविडेंस सिंथेसिस एवं मेटा-एनालिसिस पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
RANCHI: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के Laboratory Medicine विभाग के अंतर्गत टेक्निकल रिसोर्स सेंटर (TRC), सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड गाइडलाइंस द्वारा “Meta-analysis for Randomized Controlled Trials (RCTs)” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ।
कार्यशाला का आयोजन 25 एवं 26 जुलाई 2026 को रिसर्च एडमिनिस्ट्रेशन सेल, रिम्स में किया जा रहा है।
कार्यशाला में झारखंड के विभिन्न चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों के 41 चिकित्सक एवं शोधकर्ता भाग ले रहे हैं।
प्रतिभागियों में रिम्स, रांची; एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर; बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रांची; सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP),
रांची; झारखंड राय यूनिवर्सिटी; उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी; मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू; शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, धनबाद सहित राज्य के अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं की Evidence-Based Medicine, Systematic Review एवं Meta-analysis से संबंधित क्षमता का विकास करना है।
पहले दिन प्रतिभागियों को Randomized Controlled Trials (RCTs) आधारित सिस्टेमेटिक रिव्यू एवं मेटा-एनालिसिस की कार्यप्रणाली पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान तथा व्यावहारिक (Hands-on) प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा, निदेशक एवं सीईओ, रिम्स; प्रो. (डॉ.) राजीवा मिश्रा, डीन (अकादमिक); प्रो. (डॉ.) पी. के. भट्टाचार्य, डीन (रिसर्च); तथा प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, डीन (एग्जामिनेशन) उपस्थित रहे।
उन्होंने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को सुदृढ़ करने में ऐसी कार्यशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
कार्यशाला का संचालन डॉ. अमित कुमार, PI, टेक्निकल रिसोर्स सेंटर एवं एसोसिएट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष, प्रयोगशाला चिकित्सा के नेतृत्व में किया जा रहा है।
आयोजन टीम में डॉ. अनूपा प्रसाद, डॉ. अजय कुमार बाखला, डॉ. मनोज कुमार प्रसाद, डॉ. अंकिता टंडन, डॉ. मृत्युंजय मुंडू, डॉ. अर्पिता राय, डॉ. आराधना सांगा, डॉ. राजेंद्र कुमार; डॉ. सुदीप्तो रॉय, तथा डॉ. श्रेया चटर्जी शामिल हैं।
कार्यशाला के दूसरे दिन 26 जुलाई 2026 को प्रो. (डॉ.) कामेश्वर प्रसाद मेटा-एनालिसिस के उन्नत विषयों पर विशेष व्याख्यान देंगे। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता वाले Systematic Review एवं Meta-analysis के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।
रिम्स का टेक्निकल रिसोर्स सेंटर इस प्रकार की क्षमता-वर्धन गतिविधियों के माध्यम से साक्ष्य-आधारित शोध को बढ़ावा देने तथा विश्वसनीय वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित स्वास्थ्य सेवाओं एवं दिशा-निर्देशों के विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।
