करम अखरा मात्र उत्सव नहीं, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और सुरक्षित रखने का संकल्प भी है : सुदेश महतो
RANCHI: भाट बोड़या मैदान, कांके में आयोजित कांके विधानसभा स्तरीय करम अखरा महोत्सव–2026 में झारखंड सरकार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया तथा कलाकारों एवं कलाप्रेमियों के साथ सामूहिक नृत्य में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर सुदेश महतो ने कहा, करम अखरा मात्र उत्सव नहीं, हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और सुरक्षित रखने का संकल्प भी है।
हमारी संस्कृति हमारी पहचान और हमारी सामूहिक चेतना की बुनियाद है। प्रकृति, परंपरा, लोकगीत, नृत्य, मांदर की थाप और अखरा की सामूहिकता झारखंड की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा हैं।
आधुनिकता के दौर में हमें विकास के साथ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से बचाए रखना होगा।
उन्होंने कहा, आज दुनिया में अनेक आधुनिक वाद्य यंत्र हैं, लेकिन नगाड़े की गूंज, मांदर की थाप और ढोल की आवाज में झारखंड की अपनी आत्मा सुनाई देती है।
हमारी खूबसूरती यही है कि हर बोली में संगीत और हर चाल में नृत्य बसता है। अखरा केवल नृत्य का स्थान नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने, समाज को संगठित करने और अपनी विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम रहा है।
उन्होंने नई पीढ़ी को अपनी भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य, परंपराओं और प्रकृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत तभी जीवित रहेगी, जब समाज स्वयं उसके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाएगा।
महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री महावीर नायक, आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत एवं केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी केंद्रीय सचिव मोहसिन खान, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज़ खान,
जिलाध्यक्ष संजय कुमार महतो,जिप अध्यक्ष निर्मला भगत,कार्यकारी अध्यक्ष हकीम अंसारी,पूर्व जिप उपाध्यक्ष पार्वती देवी ने संयुक्त रूप से किया।
मौके पर आजसू अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि करम पर्व भाई व बहन के प्रेम के प्रतीक का त्योहार है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें झारखंड के कला,संस्कृति,प्रकृति पर्वों को बचाये रखने की जरुरत है।
मौके पर पद्मश्री महावीर नायक,इग्नेश कुमार व लोक कला मंच कांके प्रखंड अध्यक्ष लाल अमन शाहदेव,बुढ़मू प्रमुख सत्यनारायण मुंडा, डॉ मदन,रूपलाल , रूपाश्री गाड़ी
संगीता देवी ,सीमा देवी ,मीना देवी, सुनीता देवी, जोनी देवी, चुनीया देवी, दुलारी देवी, रेखा देवी ,मनोज महतो
रामकृष्ण महतो,राजू नायक,सूरज महतो,रूपलाल महतो,संजय पाहन,रवि महतो,परिबा साहु आदि की सराहनीय भूमिका रही।
आयोजन समिति की ओर से पारंपरिक गीत-संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कलाकारों, कलाप्रेमियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने सहभागिता की। पारंपरिक गीत-संगीत, मांदर की थाप और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को झारखंडी संस्कृति के रंग में रंग दिया।
