विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान का शुभारंभ, तंबाकू मुक्त समाज बनाने का आह्वान

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उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री के द्वारा जागरूकता रथ किया गया रवाना 

RANCHI: विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर रांची जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त  मंजुनाथ भजंत्री द्वारा तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। साथ ही “तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो” विषयक जनजागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया तथा तंबाकू नियंत्रण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “Unmasking the Appeal: Exposing Industry Tactics on Tobacco and Nicotine Products” (तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के आकर्षण का पर्दाफाश: उद्योगों की रणनीतियों को उजागर करना) है।

इस अवसर पर लोगों, विशेषकर युवाओं को तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के प्रति जागरूक रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार ने तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तंबाकू अनेक गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है।

इससे न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी लोगों से तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

सिविल सर्जन ने तंबाकू सेवन से उत्पन्न विभिन्न रोगों एवं स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी देते हुए लोगों को इससे दूर रहने की सलाह दी।

वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं तंबाकू नियंत्रण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

बता दें की तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है l यह फेफड़ों के कैंसर, दिल के दौरे, स्ट्रोक, सीओपीडी और मुंह व गले के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है।

तंबाकू में निकोटिन जैसे अत्यधिक व्यसनकारी पदार्थ होते हैं, जो शारीरिक और मानसिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं

बैठक में तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर विशेष चर्चा की गई। खास तौर पर युवाओं और बच्चों को इसके दुष्प्रभाव से बचाने के लिए जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा टोबैको फ्री एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन का शक्ति से पालन करने की दिशा में ठोस कदम उठाने को लेकर लिया गया।

विदित हो की किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं तंबाकू संबंधित पदार्थ की बिक्री या इस्तेमाल करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला लेखा प्रबंधक तरापद कोइरी, जिला कार्यक्रम सहायक (एनसीडी), एनटीसीपी सोशल वर्कर,

एएनएमटीसी की छात्राएं तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया तथा तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों और इसके नियंत्रण के उपायों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के माध्यम से तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण और जनस्वास्थ्य संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

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