रिम्स में निदेशक ने किया विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण
मरीजों की सुविधा एवं अस्पताल प्रबंधन में सुधार के दिए निर्देश
RANCHI: राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के निदेशक ने मंगलवार को प्रातः विभिन्न विभागों एवं अस्पताल परिसर का व्यापक निरीक्षण किया।
इस दौरान उनके साथ चिकित्सा अधीक्षक (MS), अपर चिकित्सा अधीक्षक (AMS), उप चिकित्सा अधीक्षक (DMS) सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा संसाधनों के उपयोग की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के ड्यूटी ऑफिसरों की वर्तमान 24 घंटे की ड्यूटी व्यवस्था को समाप्त कर 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में ड्यूटी रोस्टर शीघ्र लागू करने का निर्देश दिया। विभाग में कार्यरत सीनियर रेसिडेंट्स के ड्यूटी की भी समीक्षा की गयी।
फिजियोथेरेपी विभाग में जलजमाव की समस्या का निरीक्षण करते हुए मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग को अस्थायी रूप से आइसोलेशन वार्ड के एक विंग में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
इसके लिए आवश्यक सिविल एवं विद्युत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने, अस्पताल परिसर में उपयुक्त साइनेज लगाने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही आइसोलेशन वार्ड के बाहरी क्षेत्र से गंदगी एवं अनुपयोगी विद्युत उपकरण तत्काल हटाने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान पुरानी इमरजेंसी के समीप पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, अनधिकृत पार्किंग पर रोक लगाने तथा आवश्यकतानुसार प्रवेश एवं निकास व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के समीप स्थित वेटिंग एरिया को अनधिकृत रूप से उपयोग कर रहे लोगों को हटाने तथा रैन बसेरा की व्यापक साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत एवं उसे सुरक्षा बलों के आवास हेतु शीघ्र उपयोग योग्य बनाने के निर्देश भी दिए गए।
मंदिर परिसर की नियमित साफ-सफाई एवं रैन बसेरा से अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार तक संपर्क मार्ग विकसित करने पर भी बल दिया गया।
मेडिसिन एक्सटेंशन वार्ड में भ्रामक साइनेज बदलने, सेंट्रल लैब एवं आयुष्मान भारत नोडल कार्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष के समीप उपलब्ध रिक्त स्थानों का मरीजों की सुविधा के अनुरूप बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के समापन पर निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि चिन्हित कमियों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा मरीजों की सुविधा, स्वच्छता, अस्पताल प्रबंधन की दक्षता और उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
