विश्व फिजियोथेरेपी दिवस: दर्द से राहत की नई उम्मीद
वरुण सिन्हा
8 सितंबर विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेष
RANCHI: हर साल 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व और शरीर को स्वस्थ व सक्रिय रखने में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।
आज के दौर में लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत पोस्चर, व्यायाम की कमी और बढ़ती उम्र के कारण कमर, गर्दन, कंधे और घुटनों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
ऐसे में फिजियोथेरेपी दर्द कम करने के साथ-साथ शरीर की गतिशीलता और मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में मदद कर सकती है।

फिजियोथेरेपी का इस्तेमाल खेलों में लगी चोट, सर्जरी के बाद रिकवरी, स्ट्रोक के बाद शारीरिक कमजोरी और कई अन्य शारीरिक समस्याओं में भी किया जाता है।
इसका उद्देश्य सिर्फ दर्द से राहत देना नहीं, बल्कि मरीज को दोबारा सामान्य और सक्रिय जीवन जीने में मदद करना भी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित शारीरिक गतिविधि, सही पोस्चर और जरूरत पड़ने पर योग्य फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से कई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर खुद भी स्वस्थ रहें और दूसरों को भी सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स, झारखंड स्टेट ब्रांच के तत्वावधान में 6 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक राँची सदर अस्पताल सभागार में एक सेमिनार का आयोजन किया है।
जिसमें राज्य भर के फिजियोथेरेपिस्ट भाग लेंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ अजीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सेमिनार के माध्यम से आमलोगों को फिजियोथेरेपी महत्व और उपचार के नवीनतम तकनीक से अवगत कराया जायेगा। ताकि समाज के लोगों इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
