योग को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं, तभी मिलेगा निरोगी जीवन”: डॉक्टर इरफान अंसारी
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर झारखंड में राज्यस्तरीय आयोजन, योग को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
योग की लोकप्रियता बढ़ी, 192 देश एक साथ कर रहे योग”:संजय सेठ
RANCHI: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को रांची विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती दीक्षांत मंडप में राज्यस्तरीय योग दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष विभाग, विभिन्न सरकारी विभागों के पदाधिकारियों, चिकित्सकों,
स्वास्थ्यकर्मियों, योग प्रशिक्षकों, विद्यार्थियों तथा हजारों नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों और देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की

शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम-से-कम एक घंटा अपने स्वास्थ्य के लिए अवश्य निकालना चाहिए। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ, ऊर्जावान एवं संतुलित बनाता है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जिसने सदियों से मानव जीवन को स्वस्थ एवं अनुशासित रखने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर रांची की विधायक श्री सी.पी. सिंह ने कहा कि स्वस्थ मस्तिष्क में ही स्वस्थ शरीर का निवास होता है और योग दोनों को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त, सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने कहा कि आज पूरी दुनिया योग की शक्ति को स्वीकार कर चुकी है और 192 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तुत प्रस्ताव को 177 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था,
जिसके बाद 21 जून 2015 से पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली संपूर्ण जीवन पद्धति है।
वक्ताओं ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
ऐसे समय में योग एक प्रभावी एवं प्राकृतिक उपाय है, जो व्यक्ति को निरोग, तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने की दिशा प्रदान करता है।
प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, ध्यान और विभिन्न योगासन व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग निर्धारित की गई है, जो यह संदेश देती है कि योग केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि वृद्धजनों के स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
राज्य में आयुष प्रक्षेत्र के अंतर्गत संचालित 745 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के माध्यम से लगभग 1,000 योग प्रशिक्षक नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पुरुष योग प्रशिक्षकों द्वारा प्रत्येक माह 32 तथा महिला योग प्रशिक्षकों द्वारा 20 योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में आम नागरिकों को मिल रहा है।
राज्य योग केन्द्र, पूर्वी जेल रोड, रांची में प्रतिदिन आम नागरिकों के लिए नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
वहीं विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 6 से 12 तक के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में दो-दो हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडरों को प्रशिक्षित किया गया है, जो सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को योगाभ्यास कराते हैं।
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षक अर्चना कुमारी, रिया कुमारी एवं हेमा कुमारी ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।
उपस्थित हजारों लोगों ने नियमित योग करने तथा स्वस्थ, निरोग और समृद्ध झारखंड के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. सरोज शर्मा, आयुष निदेशक सह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा, डॉ. पंकज कुमार,
डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. कृष्ण कुमार (उपनिदेशक, आयुर्वेद), डॉ. नुजहत सुलताना (उपनिदेशक, यूनानी)*, डॉ. वकील कुमार सिंह (रजिस्ट्रार, आयुष),
डॉ. लाल मांझी, डॉ. साकेत कुमार, डॉ. अनुज मंडल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, चिकित्सक, योग प्रशिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।
