नेता प्रतिपक्ष की गरिमा और मर्यादा को तार तार कर रहे राहुल : संजय सेठ
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की संस्कृति वाले भारत में अपमानजनक राजनीति की कोई जगह नहीं
RANCHI: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कल दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री का उपहास उड़ाना और किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का सार्वजनिक रूप से अपमान करना लोकतांत्रिक एवं संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
संजय सेठ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से देश और दुनिया के सामने संयम, गरिमा और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।
राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत उपहास, अपमानजनक भाषा और विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के प्रति असम्मानजनक टिप्पणी को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राजनीति को गाली-गलौज और व्यक्तिगत कटाक्ष के स्तर तक ले जाने से कांग्रेस का कोई भला नहीं होने वाला।
देश की जनता विकास, रोजगार, सुरक्षा, सुशासन और देश के भविष्य का स्पष्ट विजन चाहती है, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियां और निराधार आरोप।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत की पहचान पूरी दुनिया में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की महान परंपरा से होती है।
हमारी संस्कृति हमें मतभेद के बावजूद सम्मान और संवाद का संस्कार देती है।
ऐसे में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के प्रति सार्वजनिक रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारत की गरिमा और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
श्री सेठ ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों का मजाक उड़ाने के बजाय उन्हें अपने संगठन को मजबूत करने और देश के सामने अपना विजन रखने पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस देश के लिए क्या करना चाहती है, उसकी आर्थिक नीति क्या है, राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसका दृष्टिकोण क्या है और विकसित भारत के निर्माण में उसकी भूमिका क्या होगी; इन सवालों का जवाब राहुल गांधी को देश की जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है। लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, लेकिन अपमान और अमर्यादित भाषा को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
