रिम्स निदेशक ने टीम के साथ डिजिटल हेल्थ एवं अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का किया गहन अवलोकन
RANCHI: डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को समझने और उनकी संभावनाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के निदेशक प्रो. डॉ. डी.के. सिन्हा ने आज Digi Health Conclave में विशिष्ट सहभागिता की।
उनके साथ प्रो. डॉ. पी.के. भट्टाचार्य सहित रिम्स की टीम के सदस्य डॉ. निशीथ एम. पॉल एक्का, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. अर्पिता राय, डॉ. पुष्पांजलि, डॉ. साकेत वर्मा, डॉ. गौरव कुमार तथा श्री अंजनी कुमार सिंह उपस्थित रहे।
निदेशक महोदय एवं टीम ने कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकसित की जा रही नवीन तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं का गहन अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का विशेष रूप से भ्रमण किया और रिम्स में इनके संभावित उपयोग पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
टीम ने Human Resources Information System (HRIS) आधारित समाधान का भी अवलोकन किया,
जिसके माध्यम से संस्थान के चिकित्सकों एवं मानव संसाधन से संबंधित सूचनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न डिजिटल हेल्थ कियोस्क का भी अवलोकन किया गया, जिनके माध्यम से प्राथमिक स्तर पर मरीजों की स्वास्थ्य जांच जैसे पल्स, ब्लड प्रेशर, SpO₂, ब्लड ग्लूकोज़ तथा विभिन्न रक्त जांचों, जिनमें LFT एवं KFT शामिल हैं, को डिजिटल माध्यम से दर्ज एवं मॉनिटर किया जा सकता है।
कॉन्क्लेव में SS Innovations द्वारा प्रदर्शित मोबाइल ऑपरेशन थिएटर मॉडल ने भी टीम का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
निदेशक महोदय ने रोबोटिक सर्जरी की कार्यप्रणाली को समझने में विशेष रुचि दिखाई तथा स्वयं Robotic Surgical Arm का अनुभव प्राप्त किया।
उन्होंने रोबोटिक सर्जरी की संभावनाओं, इसके प्रशिक्षण एवं भविष्य में उन्नत शल्य चिकित्सा सेवाओं में इसके उपयोग के संबंध में भी जानकारी ली।
निदेशक महोदय ने Audiology Assessment Device का भी विशेष रुचि के साथ अवलोकन किया और स्वयं इसकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया।
इसके साथ ही टीम ने Digital Dissection Table का भी परीक्षण किया, जिसे मेडिकल शिक्षा एवं विशेष रूप से शरीर रचना विज्ञान के अध्यापन में एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार के रूप में देखा जा रहा है।
डिजिटल डिसेक्शन टेबल के माध्यम से विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को त्रि-आयामी एवं इंटरैक्टिव तरीके से समझने में सहायता मिल सकती है।
कॉन्क्लेव में प्रदर्शित अनेक तकनीकों में Artificial Intelligence (AI) आधारित डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट एवं HMIS पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान रिम्स की टीम ने अस्पताल प्रबंधन, रोगी सेवाओं, डेटा प्रबंधन, चिकित्सा शिक्षा तथा क्लिनिकल प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीकों और AI के संभावित उपयोग पर भी जानकारी प्राप्त की।
निदेशक प्रो. डॉ. डी.के. सिन्हा ने डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकों के इन नवाचारों को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तकनीक,
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सिस्टम का समुचित उपयोग अस्पताल सेवाओं को अधिक सुलभ, सुव्यवस्थित, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
