लाठी और वाटर कैनन से युवाओं की आवाज नहीं दबा सकती सरकार : सुदेश कुमार महतो
JPSC-JSSC की अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आक्रोश सरकार की विफलता का परिणाम
RANCHI: JPSC-JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन के इस्तेमाल की आजसू पार्टी ने कड़ी निंदा की है।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने इसे सरकार की संवेदनहीनता और विफलता का परिणाम बताया।
सुदेश कुमार महतो ने कहा कि अपने अधिकार और भविष्य के लिए आवाज उठा रहे युवा कोई अपराध नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “जिन हाथों में किताब, कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उन हाथों पर लाठी चलाना सरकार की संवेदनहीनता और विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई, इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं का विधानसभा तक पहुंचना यह बताता है कि झारखंड के युवाओं में सरकार के प्रति आक्रोश किस स्तर तक पहुंच चुका है।
आजसू पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि लाठी, आंसू गैस और वाटर कैनन से युवाओं के सवालों को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके आक्रोश को खत्म नहीं किया जा सकता।
सरकार को पुलिस बल के पीछे छिपने के बजाय छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और समाधान का रास्ता निकालना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि JPSC-JSSC से जुड़ी सभी विवादित प्रक्रियाओं की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, लंबित नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया जाए तथा छात्रों पर हुए बल प्रयोग की जवाबदेही तय की जाए।
सुदेश कुमार महतो ने सरकार को चेताते हुए कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए।
समय रहते उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो यह आक्रोश केवल राजधानी रांची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे झारखंड में व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
उन्होंने कहा, झारखंड के युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार को तय करना है कि वह युवाओं से संवाद करेगी या उनके आक्रोश का सामना करेगी।
युवाओं पर लाठी चलाकर सरकार अपने सवालों से नहीं बच सकती : डॉ. देवशरण भगत

RANCHI: JPSC-JSSC की परीक्षा एवं नियुक्ति व्यवस्था में अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों से बैरिकेडिंग तक की गई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं का विधानसभा तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार के प्रति युवाओं का आक्रोश अब गहरा हो चुका है।
आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि जिन युवाओं के हाथ में किताब, कलम और नियुक्ति पत्र होना चाहिए, उनके ऊपर लाठियां बरसाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, उन पर पुलिस की ताकत नहीं आजमानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लाठी, आंसू गैस और वाटर कैनन से युवाओं की आवाज को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके भीतर के आक्रोश को खत्म नहीं किया जा सकता।
JPSC-JSSC की परीक्षा और नियुक्ति व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
डॉ. भगत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार समय रहते छात्रों से संवाद करे और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय ले। युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेना बंद किया जाए।
आज का यह आक्रोश यदि अनसुना किया गया तो आने वाले दिनों में यह पूरे झारखंड के युवाओं के व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
उन्होंने कहा, सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि पुलिस की लाठी से युवा शक्ति को रोका नहीं जा सकता।
झारखंड का युवा अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है और आजसू पार्टी इस संघर्ष में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
