न्याय मांग रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन लोकतंत्र पर हमला : संजय सेठ
पत्रकार और एनडीए नेताओं को गिरफ्तार कर सरकार ने तानाशाही दिखाई
जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन के गिरफ्तारी सिर्फ आई वाश
RANCHI: रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद श्री संजय सेठ ने विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है।
श्री सेठ ने कहा कि न कोई उपद्रव, न हिंसा, न भड़काऊ नारे और न पत्थरबाजी—फिर शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार, रोजगार और भविष्य की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन क्यों?
लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन झारखंड सरकार युवाओं की आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।
उन्होंने कहा कि 16 दिनों से युवा आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें बारिश में मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा।
अब आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार को समझ लेना चाहिए कि पानी की बौछार और लाठियों से युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा और न्याय की आवाज दबाई नहीं जा सकती।
उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में पत्रकार और एनडीए नेताओं को गिरफ्तार कर सरकार ने तानाशाही दिखाई है।
श्री सेठ ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्तियों में अनियमितताओं को लेकर युवा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी महज ‘आईवॉश’ है।
केवल सीआईडी जांच से इस पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं हो सकता। सरकार तत्काल सीबीआई जांच की अनुशंसा करे।
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस-राजद और वामपंथी दलों के सहारे चल रही हेमंत सोरेन सरकार लोकतंत्र की बात तो करती है,
लेकिन जब झारखंड का युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकार मांगता है, तो उस पर लाठी और पानी की बौछार करती है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार जितना दमन करेगी, युवाओं की आवाज उतनी ही बुलंद होगी। झारखंड का युवा न डरेगा, न झुकेगा और न पीछे हटेगा।
