बिहाइंड द मास्क: हू हील्स द हीलर्स” – डॉक्टर्स डे पर झासा राज्य सचिव डॉ. मृत्युंजय की समाज से अपील

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1 जुलाई 2026, मंगलवार – राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस

RANCHI: राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करना और मरीजों की जान बचाने के लिए उनके अथक प्रयासों को स्वीकार करना है।

इस वर्ष का थीम “बिहाइंड द मास्क: हू हील्स द हीलर्स”अपने आप में एक बड़ा प्रश्न छोड़ जाता है। जो चिकित्सक मरीज को जिंदगी देता है, वो खुद बीमार है – शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से।

झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवाएं संघ के राज्य सचिव डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह ने समाज के बुद्धिजीवियों से अपील की है: “जब अस्पताल में हंगामा होता है, तो समाज की भूमिका क्या होनी चाहिए?

भीड़ का हिस्सा बनना या भयभीत चिकित्सक और अस्पताल के साथ खड़ा होना? जरा सोचिए, जो डॉक्टर खुद डरा हुआ होगा, वो मरीज को अपना 100% कैसे दे पाएगा?

डॉ. मृत्युंजय ने चिंता जताई कि आज डर के कारण चिकित्सक गंभीर मरीजों का इलाज करने से संकोच करते हैं और उन्हें रेफर कर देते हैं।

इससे मरीज का “गोल्डन पीरियड” हाथ से निकल जाता है और नुकसान अंततः मरीज का ही होता है। अस्पताल में हंगामा होने पर वहां भर्ती अन्य मरीज – जो हमारे अपने ही समाज के हैं – उनका इलाज भी बाधित हो जाता है।

सरकार से मांग:

डॉ. मृत्युंजय ने मांग की कि राज्य सरकार को सख्त *मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट* लागू करना चाहिए।

ये एक्ट डॉक्टरों से ज्यादा अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की सुरक्षा का एक्ट है। साथ ही चिकित्सकों के लिए डायनेमिक ACP, रूरल अलाउंस और अन्य मूलभूत सुविधाएं देनी चाहिए ताकि झारखंड से डॉक्टरों का पलायन रुके और दूसरे राज्यों के अच्छे डॉक्टर यहां सेवा के लिए आएं।

अपील:

संगठन के सचिव होने के नाते डॉ. मृत्युंजय ने समाज के सभी बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे अपने जिले और राज्य में चिकित्सकों को सुरक्षा का माहौल प्रदान करें। “डॉक्टर को बचाएंगे, तभी मरीज बचेगा।”

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