रिम्स, रांची की ऐतिहासिक उपलब्धि: पीजी की 36 सीटों में वृद्धि
अब कुल 212 सीटों पर होगा नामांकन
झारखंड से निकलेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
RANCHI: झारखंड के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में पीजी (Postgraduate) की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) द्वारा जारी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अद्यतन पीजी ब्रॉड स्पेशियलिटी सीट मैट्रिक्स के अनुसार RIMS में पीजी की कुल सीटें 176 से बढ़कर 212 हो गई हैं।
इस प्रकार संस्थान को 36 अतिरिक्त पीजी सीटों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
यह वृद्धि न केवल रिम्स की शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय क्षमता में विस्तार का प्रतीक है, बल्कि झारखंड को विशेषज्ञ चिकित्सकों के निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
सीटों में यह वृद्धि मुख्य रूप से सात विभागों में हुई है। इनमें एनेस्थीसियोलॉजी में 8, कम्युनिटी मेडिसिन में 6, माइक्रोबायोलॉजी में 6, जनरल मेडिसिन में 5, एनाटॉमी में 4, फार्माकोलॉजी में 4 तथा फिजियोलॉजी में 3 अतिरिक्त सीटें शामिल हैं।
इस उपलब्धि से राज्य के अधिकाधिक प्रतिभाशाली चिकित्सा स्नातकों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
भविष्य में ये विशेषज्ञ चिकित्सक झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने तथा राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), अजय कुमार सिंह, IAS तथा निदेशक, रिम्स प्रो. (डॉ.) दीपेन्द्र कुमार सिन्हा के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत प्रयासों, सकारात्मक पहल और सक्रिय मार्गदर्शन से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी।
निदेशक महोदय ने डीन एकेडेमिक्स एवं उनकी पूरी टीम के साथ-साथ रिम्स के सभी चिकित्सकों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई प्रेषित किया है
जिन्होंने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अथक परिश्रम किया। विशेष रूप से उन सभी लोगों का योगदान सराहनीय है, जिन्होंने आवश्यक प्रक्रियाओं, दस्तावेजों, शैक्षणिक मानकों एवं अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर और समर्पित प्रयास किए।
यह सफलता सामूहिक संकल्प, प्रतिबद्धता और टीम भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रिम्स की यह उपलब्धि केवल सीटों की संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि झारखंड के बेहतर स्वास्थ्य भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अब झारखंड में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के निर्माण की संभावनाएं और व्यापक होंगी।
