October 22, 2026

सारथी योजना पर सवाल उठाने से पहले भाजपा बताए, हर साल दो करोड़ रोजगार देने का क्या हुआ : विनोद पांडेय

0
IMG-20260513-WA0014

देश में रोजगार के लिए युवा आंदोलनरत, भाजपा झारखंड सरकार से सवाल करने के बजाय केंद्र से मांगे जवाब

केंद्र की भाजपा सरकार झारखंड के साथ कर रही सौतेला व्यवहार, केंद्रांश की राशि नहीं मिलने से जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित

RANCHI:  झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने मुख्यमंत्री सारथी योजना को लेकर भाजपा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि युवाओं के रोजगार पर सवाल उठाने वाली भाजपा पहले केंद्र की मोदी सरकार से जवाब मांगे।

हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का क्या हुआ? केंद्र सरकार बताए कि अब तक कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिला है।

देश के विभिन्न हिस्सों में युवा रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा को युवाओं की चिंता से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी की फिक्र है।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री सारथी योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

भाजपा को सफल और लोकप्रिय योजना में जबरदस्ती कमियां गिनाने से पहले यह भी देखना चाहिए कि केंद्र सरकार ने देश के युवाओं से किए रोजगार के वादों को कितना पूरा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लगातार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रांश की राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने से योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि राज्यों को उनके हिस्से की राशि समय पर उपलब्ध कराए, ताकि गरीबों, जरूरतमंदों और आम जनता से जुड़ी योजनाएं बाधित न हों।

झारखंड के साथ वित्तीय मामलों में भेदभाव राज्य के विकास और जनता के हितों को प्रभावित करता है।

झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने बेरोजगारी दूर करने, सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्तियां सुनिश्चित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में कितने ठोस परिणाम दिए हैं।

देश में भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार की मांग को लेकर युवाओं की नाराजगी लगातार सामने आती रही है। ऐसे में भाजपा को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि झारखंड सरकार की योजनाओं पर केवल राजनीतिक हमला करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के युवाओं को अवसर देने और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा को रोजगार के मुद्दे पर दोहरा रवैया छोड़ना चाहिए। यदि उसे मुख्यमंत्री सारथी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने हैं, तो वह तथ्य रखे; लेकिन देश में रोजगार के सवाल और झारखंड के साथ केंद्र के वित्तीय व्यवहार पर भी उसे जवाबदेही स्वीकार करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें एक नजर में…