एनएचएम कर्मियों के ईपीएफ का रास्ता साफ, 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
RANCHI: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके सभाकक्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित विभाग एवं मिशन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में एनएचएम कर्मियों के ईपीएफ, बजट, ममता वाहन, तंबाकू नियंत्रण, नेत्र जांच, कुष्ठ रोग नियंत्रण सहित मानव संसाधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में एनएचएम की ओर से बताया गया कि राज्य में 15 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले कर्मियों के लिए EPF लागू है, लेकिन 15 हजार रुपये से अधिक मानदेय पाने वाले कर्मी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इस पर अपर मुख्य सचिव ने संशोधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने 15 हजार रुपये को बेसलाइन मानते हुए अधिक मानदेय पाने वाले कर्मियों को भी ईपीएफ के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव देने को कहा।
प्रस्ताव लागू होने पर राज्य के 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने झारखंड एनएचएम का 3124.75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने वाली ममता वाहन सेवा के वर्तमान भुगतान दर में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने के लिए अब तंबाकू नियंत्रण केंद्र सीएचसी स्तर पर शुरू किए जाएंगे। अभी ये केंद्र मुख्य रूप से जिला अस्पतालों में संचालित होते हैं।
इसी तरह सीएचसी स्तर पर आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक सीएचसी में आंखों की जांच के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाएगी तथा जरूरतमंद मरीजों को चश्मा भी वितरित किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर संचारी रोग और कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।
कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष चप्पल तैयार कराने तथा दिव्यांगता प्रबंधन की सुविधा को रिम्स के साथ सदर अस्पताल एवं सीएचसी स्तर तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लेप्रा समिति के साथ MoU करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया गया।
बैठक में राज्य से जिला स्तर तक एनएचएम में कर्मचारियों के पदों की नई संरचना तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत के अनुरूप मानव संसाधन को मजबूत करने और विभिन्न प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
