भीषण पेयजल संकट से गुजर रहा है,बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु: विजय शंकर नायक
लगभग 120 से अधिक परिवार गंभीर जल संकट का सामना कर रहे
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ,सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखण्ड सरकार को भी पत्र लिखकर स्थायी समाधान का किया आग्रह
भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलीहातू में पेयजल संकट के समाधान हेतु खूंटी उपायुक्त से वार्ता तुरंत समाधान का आश्वासन
RANCHI: झारखण्ड कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा है कि उलीहातू जो महान जननायक एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जन्मस्थली है।
आज भीषण पेयजल संकट से गुजर रहा है। विगत लगभग 21 दिनों से गाँव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और लगभग 120 से अधिक परिवार गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आज कहा कि इस सम्बन्ध में खूंटी उपयुक्त से आज दूरभाष पर पर वार्ता कर उन्हें ध्यान आकृष्ट कराया कि आज भीषण गर्मी के कारण गाँव के सभी कुएँ लगभग सूख चुके हैं।
ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पीने का पानी लाने के लिए प्रतिदिन भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
उलीहातू तक पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति भी पूरी तरह बंद है। पंप हाउस के समीप ट्रांसफॉर्मर पर पेड़ गिरने से बिजली बाधित हुई थी। यद्यपि ट्रांसफॉर्मर बदल दिया गया है,
लेकिन लो-वोल्टेज की समस्या के कारण जलापूर्ति व्यवस्था अभी तक सुचारु नहीं हो सकी है। खूंटी उपयुक्त ने आश्वश्त किया की युद्ध गति पर इसका समाधान किया जायेगा।
विजय शंकर नायक ने बताया कि वर्तमान में “मलुकम डाड़ी” और गोलपा मुंडा का कुआँ ही ग्रामीणों के लिए पानी का अंतिम सहारा बन गया है।
मलुकम डाड़ी में खेतों से रिस-रिस कर थोड़ा पानी जमा होता है, जिसे भरने के लिए महिलाओं की लंबी कतार लग रही है।
लगभग पंद्रह फीट गहरी इस डाड़ी से महिलाएँ बड़ी कठिनाई से बाल्टी के सहारे आधी देगची पानी निकाल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि गाँव में पहले लगाए गए सोलर आधारित जलमीनार एवं पानी की टंकियाँ वर्षों से खराब पड़ी हुई हैं। एकमात्र ट्यूबवेल से खारा पानी निकलता है, जो अब उपयोग योग्य नहीं रह गया है।
हर वर्ष गर्मी के मौसम में उलीहातू के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
विजय शंकर नायक ने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ,सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखण्ड सरकार को भी पत्र लिखकर मांग की है कि
उलीहातू गाँव में पीने की पानी की समस्या का परमानेंट समाधान और प्रबंध किये जाय
और तत्काल टैंकर से पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए, पाइपलाइन जलापूर्ति बहाल की जाए, लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान किया जाए
तथा खराब पड़े सोलर जलमीनारों और पानी टंकियों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
