राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र को वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा एक सुनियोजित तरीके से झूठे मामले में फँसाया गया: धार्मिक सामाजिक संगठन

0
IMG-20260515-WA0217

RANCHI: आज विभिन्न समाचार पत्रों एवं मीडिया माध्यमों से राजीव रंजन मिश्रा के संबंध में जो खबरें प्रकाशित की गई हैं।

तथा जिस प्रकार राजीव रंजन मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उससे राजधानी राँची के विभिन्न धार्मिक सामाजिक संगठन , श्री मिश्रा एवं उनका परिवार अत्यंत आहत हैं। राहुल सिन्हा चंकी उपाध्यक्ष, महावीर मंडल,रांची ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजीव रंजन मिश्रा एवं उनके पुत्र को वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा एक सुनियोजित तरीके से झूठे मामले में फँसाया गया है।

संगठन के लोगो ने कहा कि श्री मिश्रा लगभग 40 वर्षों का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा है।

आज तक उनके ऊपर किसी प्रकार का कोई आपराधिक दाग नहीं लगा। ऐसे में बिना निष्पक्ष जांच के उन्हें अपराधी की तरह प्रस्तुत करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री मिश्रा केवल बबलू नामक व्यक्ति के आग्रह पर नटराज होटल गए थे ।

उन्हें बताया गया था कि उसके परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से बीमार है और उसे सहयोग की आवश्यकता है। मानवीय आधार पर वे वहाँ पहुँचा थे ।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस व्यक्ति के नाम से होटल का कमरा जो को 13/05/2026 से बुक था, उस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया?

वहीं बबलू एवं श्रवण नामक व्यक्तियों को भी पुलिस द्वारा संरक्षण देकर वहाँ से भगा दिया गया।

यदि वास्तविक लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और निर्दोष लोगों को फँसाया जाता है, तो यह पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभ में श्री मिश्रा से सहयोग करने की बात कही, लेकिन बाद में उन्हें ही इस मामले में आरोपित बना दिया गया।

यह पूरी कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण एवं पूर्व नियोजित प्रतीत होती है।

धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के लोगो ने कहा कि श्री मिश्रा पूर्णतः निर्दोष है। यदि किसी भी एजेंसी के पास उनके विरुद्ध कोई ठोस एवं प्रमाणिक साक्ष्य है,

तो मैं कानून के अनुसार किसी भी सजा का सामना करने के लिए वे तैयार है। किंतु बिना तथ्य एवं निष्पक्ष जांच के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को धूमिल करना न्याय के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।

श्री मिश्रा ने अपना पूरा जीवन सेवा एवं समर्पण में लगा दिया है । आज तक उनके ऊपर किसी भी प्रकार का कोई आरोप नही रहा ।

संगठन के लोगो ने राज्य सरकार एवं न्यायपालिका से मांग करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,

ताकि सत्य जनता के सामने आ सके तथा वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई हो।

संगठन एवं श्री मिश्रा न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और सत्य अवश्य सामने आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबरें एक नजर में…