September 28, 2026

दिल्ली की फिजाओं में गूंजी मांदर की थाप, करमा के गीतों पर झूमी दिल्ली

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करम मिलन समारोह में दिखी झारखंड की लोक-संस्कृति की भव्य छटा

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर हुआ महाजुटान, राजनाथ सिंह, रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि हुए शामिल

NEWDELHI:  झारखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति गहरे जुड़ाव का जीवंत रंग रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देखने को मिला।

रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ के नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर रोड आवास पर आयोजित करम मिलन समारोह में झारखंडी संस्कृति की भव्य छटा बिखरी।

मांदर की थाप, करमा गीतों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को झारखंडमय कर दिया।

समारोह में बड़ी संख्या में झारखंड के लोग, जनप्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री और गणमान्य अतिथि शामिल हुए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता भी समारोह में पहुंचीं और करमा गीतों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान उत्साहपूर्वक सहभागी बनीं। केंद्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने भी समारोह में उपस्थित होकर करम पर्व की शुभकामनाएं दीं।

रक्षा राज्य मंत्री  संजय सेठ ने कहा कि करम केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, परंपरा और लोक-संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला उत्सव है।

झारखंड की संस्कृति में प्रकृति के प्रति आस्था, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और सामाजिक समरसता की गहरी भावना निहित है। करम मिलन के माध्यम से इसी समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय राजधानी में सामने लाने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, ऐसे समय में झारखंड की पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ उसके आत्मीय संबंध से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है।

हम सभी मिलकर अपनी लोक-संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के संरक्षण के संकल्प को मजबूत करें तथा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।

झारखंड के राज्यपाल  संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि करम पर्व प्रकृति और मानव जीवन के बीच सदियों से चले आ रहे आत्मीय रिश्ते की जीवंत अभिव्यक्ति है।

यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश देता है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि झारखंड की लोक-संस्कृति में करम पर्व का विशेष स्थान है।

यह पर्व हमें अपनी जड़ों, परंपराओं और प्रकृति के संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे आयोजन झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देशभर के लोगों तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

केंद्रीय मंत्री  किरेन रिजिजू ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा दायित्व है।

करम पर्व इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री  जुएल ओरांव, केंद्रीय वस्त्र मंत्री  गिरिराज सिंह, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, केंद्रीय सूचना आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, केंद्रीय राज्य मंत्री  अजय टम्टा, केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल सहित अनेक मंत्री, सांसद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान झारखंड के पारंपरिक लोकगीत, मांदर की थाप, करमा गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिल्ली में झारखंड की मिट्टी की खुशबू बिखेर दी।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने करम पर्व की खुशियों को साझा किया और झारखंड की लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया।

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