तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का समापन

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वंदे मातरम के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने पर यह महोत्सव रखा गया था

हर्बल मसाला, घरेलू दवा, मेटल की तस्वीर, जूट बैग,उन से बने हैंडमेड फ्लावर, लिपिन आर्ट, ब्लू कार्ड पेंटिंग की तस्वीर आदि की मेले में हुई खरीदारी

RANCHI : आड्रे हाउस में तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का समापन रविवार को हो गया।

मेले 1मई से आड्रे हाउस में शुरू हुआ।

मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री  अर्जुन राम मेघवाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनका अभिनंदन स्वागत अंग वस्त्र ,मोमेंटो देकर किया गया।

बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम अद्भुत अलौकिक पर श्री मेघवाल जी खुशी जाहिर करते हुए बच्चों को बधाई , शुभकामनाये दी एवम प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्कुल के कलाकारों के बीच पुरस्कार का वितरण किया।

पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी ओर मीरा बाई के चरित्र का वर्णन करते हुए भजनों की प्रस्तुति दी

प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरो

श्री मेघवाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के दिन महोत्सव प्रारंभ हुआ।

आज समापन उत्सव हम मना रहे है।लेकिन कल भी हम उत्सव मनाएंगे व कल का दिन उत्सव का दिन रहेगा।

उन्होंने सफल आयोजन के लिए सांसद रक्षा राज्य मंत्री सहित सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी ।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के संग लोगों के लिए प्रेरणा का स्तंभ बनेगा।

झारखंड के प्रथम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला के आयोजन में शामिल हुए।

उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन पर सांसद सर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सचमुच बहुत ही अच्छा कार्यक्रम है आने वाले समय मे एक उदाहरण कायम करेगा।

इस आयोजन के जरिये घरेलू उत्पाद को बढ़ावा मिलेगा एवम उत्पादों को लोकल बाजार में जगह मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी को जीवन में उतरना होगा। हम सभी कोशिश करे की मोटे अनाज का सेवन करें।

इस अवसर पर भाजपा के संगठन मंत्री कर्मवीर जी, महापौर रोशनी खलको, उपमहापौर नीरज कुमार,महानगर अध्यक्ष वरुण साहू,पूर्व राज्य सभा सांसद अजय मारू भी मौजूद थे।

तीन दिवसीय सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया की 125 स्टॉल लोगो को निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है।

जो पूर्णत स्वदेशी को समर्पित है। उन्होंने कहा झारखंड की संस्कृति, पहचान, विविधता, परंपरा, लोक कला साथ ही यहां के लोक नृत्य संगीत को एक ही छत के नीचे कला संस्कृति के माध्यम से उनका संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने का वृहद अलौकिक,

सुंदर कार्य सांसद सांस्कृतिक महोत्सव स्वदेशी मेला के माध्यम से किया गया है, जो हमारे स्वदेशी कला संस्कृति और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी है ।

तीन दिनों में हजारों लोगों ने सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेले का आनंद लिया।

स्वदेशी मेले में स्थानीय उत्पादक की थी बिक्री

महिलाओं के द्वारा निर्मित पापड़, खजला, बड़ी, मंगोड़ी, विभिन्न प्रकार के अचार, ब्लैक राइस, रेड राइस, एनर्जी चॉकलेट मडुवा के लड्डू ,रागी की कुकीज, चॉकलेट सहित कई उत्पाद की लोगो ने खरीददारी की।

इसी के साथ हर्बल मसाला, घरेलू दवा, मेटल की तस्वीर, जूट बैग,उन से बने हैंडमेड फ्लावर, लिपिन आर्ट, ब्लू कार्ड पेंटिंग की तस्वीर आदि भी विक्रय के लिए सही मूल्य पर मिल रही थी।

श्री अन्न आहार कुटीर में झारखंड के पारंपरिक वयन्जनो सहित मोटे अनाज से बने मड़वा समोसा,मड़वा चोप, निमकी, भुजिया चॉकलेट ,बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ को लोगों ने आनंद उठाया।

रांची के ईशान सिंह ने तैरने का 10 घंटे का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। श्री लंका से भारत की धनुष कोटि तक तैरने का रिकॉर्ड बनाया।जो अपने आप मे अद्भुत है। होनहार बच्चे को समिति द्वारा 1 लाख 1 हजार रुपिया चेक द्वारा पुरस्कार दिया गया।

आड्रे हाउस में ही लगायी गयीं प्रदर्शनी

ऑपरेशन सिंदूर पर रांची के बच्चों के द्वारा बनाई गई 400 पेंटिंग की भी प्रदर्शनी लगाई गई । बच्चों ने ऑपरेशन सिंदूर के शौर्यगाथा को कैनवास पर उतारने का कार्य किया ।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत 70 से भी ज्यादा स्कूलों एवम महाविद्यालय के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी, जिसमें देश भक्ति, शिव तांडव, वंदे मातरम ,छउ नृत्य ,कथक एवं यहां के पारंपरिक लोक नृत्य के संग हजारों बच्चों एवं बच्चों ने सामूहिक अपनी प्रस्तुति दी।

बच्चों एवं बच्चियों सहित स्कूल व एकेडमी सहित संस्था को सांसद ने सर्टिफिकेट व मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

देशभर के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा अद्भुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गरबा नृत्य, डालखाई, झूमर ,पाईका नृत्य,

कथक नृत्य ने सांस्कृतिक महोत्सव की शोभा बढ़ाई वही जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका, शास्त्रीय संगीत व नृत्य, असम का बिहू नाच गौरैया नाच सहित उलगुलान नाटक की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक महोत्सव में लोगों को आनंदित किया।

आज के मुख्य अतिथि श्री मेघवाल ने स्वदेशी मेले में लगे स्टॉल का भर्मण किया

आयोजन को सफल बनाने में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ,अजय मारू ,अजय मलकानी, मुकेश काबरा, ऐष्वर्य सेठ ,आशीष सत्यव्रत, पूनम आनंद, रविंद्र कुमार ,शंकर दुबे, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार ,बलराम, कमलजीत सिंह,

नीतू सिंह, संजीव साहू ,विजय यादव,आनंद ,नयन मयूर परमार ,ललन श्रीवास्तव ,रवि वर्मा ,संजय गोयल ,प्रदीप रवि ,भीष्म सिंह ,मनोज कुमार, गौरव मित्तल, राजू रजक ,राजीव सहाय ,अमित चौधरी ,राहुल सिन्हा चंकी ,एच डी सिंह ,

सतीश सिंहा , शंकर पाठक,रतन अग्रवाल सहित काफी संख्या में लगे है।

स्वदेशी मेला में लोगो ने सांस्कृतिक आयोजन के संग श्री अन्न आहार कुटीर में झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों का लुफ्त उठाया। साथ ही यहां से बने उत्पादों सहित मोटे अनाज रागी , ज्वार, बाजरा ,मड़वा से बनी चीजो की खरीदारी की ।

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