रिम्स, रांची में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर कार्यशाला आयोजित
दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Drug Reactions—ADRs), उनकी पहचान, रिपोर्टिंग एवं फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर विस्तार से चर्चा
RANCHI: राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर आज फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आभा कुमारी ने की।
कार्यशाला का शुभारंभ रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर रिम्स के डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेंद्र बिरूआ, डीन रिसर्च सह निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्या सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Drug Reactions—ADRs), उनकी पहचान, रिपोर्टिंग एवं फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि दवाओं के उपयोग के दौरान होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की समय पर पहचान एवं उचित रिपोर्टिंग रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रतिभागियों को फार्माकोविजिलेंस की अवधारणा, दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति सतर्कता तथा उनकी रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही, आम जनमानस में भी दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा दवाओं से होने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
अंत में नुक्कड़ नाटक के प्रतिभागियों एवं रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
