झारखंड में डॉक्टरों के आंदोलन को बड़ी सफलता, 9 प्रमुख मांगों पर सरकार सहमत
CEA संशोधन से DACP पदोन्नति तक पर बनी सहमति, छठ के बाद फिर होगी बैठक; फिलहाल हड़ताल नहीं करेंगे चिकित्सक
RANCHI: झारखंड में चिकित्सकों के संयुक्त आंदोलन को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड, झारखंड हेल्थ सर्विस एसोसिएशन (JHASA) और अन्य चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधियों की अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में चिकित्सकों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
सरकार ने मांगों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई और समय-सीमा निर्धारित करने पर सहमति जताई। बैठक के बाद चिकित्सक संगठनों ने फिलहाल हड़ताल पर नहीं जाने का निर्णय लिया है। छठ पर्व के बाद विभाग के साथ अगली बैठक होगी।

बैठक में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट (CEA) में संशोधन, चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति, सुरक्षा, मातृत्व अवकाश और चिकित्सा संस्थानों के लिए एकल खिड़की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
CEA संशोधन का प्रस्ताव दो माह में
चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े CEA में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव अगले दो माह के भीतर मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए भेजने पर सहमति बनी।
इसके तहत न्यूनतम बिस्तरों की अनिवार्यता के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 30 और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तरों की व्यवस्था पर सहमति जताई गई।
चिकित्सकों की समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था तैयार की जाएगी।
इसका लाभ सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों को दिलाने के लिए वित्त विभाग के साथ बैठक कर समाधान निकालने पर सहमति बनी।
सुरक्षा और सेवा संबंधी समस्याओं पर भी सहमति
चिकित्सकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए DSP स्तर के पुलिस अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित करने की पूर्व व्यवस्था फिर लागू करने पर सहमति बनी।
वहीं, TRP पर गए चिकित्सकों के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल करने, महिला चिकित्सकों के मातृत्व अवकाश और सुरक्षा संबंधी अधिकारों की रक्षा तथा इंटर्न और जूनियर-सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों की प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने पर भी सकारात्मक निर्णय हुआ।
अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण, प्रमाणन एवं अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग भी स्वीकार की गई।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की टू-टियर व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे चर्चा जारी रखने पर सहमति बनी।
क्रियान्वयन की निगरानी के लिए बनेगी समिति
सहमत मांगों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और उनकी समीक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त समन्वय समिति गठित करने पर जोर दिया गया।
IMA ने समिति में अपने और संबंधित चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि सहमत बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की नियमित निगरानी हो सके।
बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
चिकित्सक संगठनों की ओर से डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. योगेश गंभीर, डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. विमलेश कुमार सिंह, डॉ. शंभू प्रसाद सिंह,
डॉ. अभिषेक रामाधीन और अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
IMA झारखंड ने कहा कि वार्ता में बनी सहमति सकारात्मक शुरुआत है।
अब सभी मांगों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्रियान्वयन होगा।
संगठन ने सरकार के साथ संवाद जारी रखने और मांगों की प्रगति पर नजर रखने की बात कही।
