बिना निबंधन कराये चल रहे फिजियोथेरेपी क्लिनिक का झारखंड फिजियोथेरेपी परिषद की टीम ने किया औचक निरीक्षण, दी गयी कार्रवाई की चेतावनी

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परिषद् से निबंधन के बिना फिजियोथेरेपी क्लीनिक चलाना और मरीजों का ईलाज करना गैर कानूनी

हरमू चौक स्थित रांची फिजियोथेरेपी क्लिनिक एव पहाड़ी मंदिर स्थित सरस्वती फिजियोथेरेपी क्लीनिक में औचक निरीक्षण

RANCHI:  झारखंड राज्य फिजियोथेरेपी परिषद् द्वारा रांची के कुछ फिजियोथेरेपी क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया गया।

परिषद के तरफ से निरीक्षण दल में परिषद् के अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन, उपाध्यक्ष डॉ अभय कुमार पाण्डेय, सदस्य सचिव डॉ अजीत कुमार और परिषद् के सदस्य डॉ देवेंद्र मुंडा शामिल थे।

फिजियोथेरेपी परिषद में साल भर से ज्यादा समय से राज्य में फिजियोथेरेपी चिकित्सकों का निबंधन कर रहा है।

इसके लिए विभिन्न समाचारपत्रों एवं सोशल मिडिया में सूचना प्रकाशित की गई जिसमे राज्य में कार्य कर रहे सभी फिजियोथेरेपिस्ट को परिषद से निबंधन अनिवार्य है।

परिषद् से निबंधन के बिना फिजियोथेरेपी क्लीनिक चलाना और मरीजों का ईलाज करना गैर कानूनी है। इसमें जुर्माने और दंड का प्रावधान है।
परिषद को लगातार यह शिकायत मिल रही थी की कुछ क्लिनिक बिना निबंधित एव क्वालिफाइड फिजिथेरापिस्ट के चलाया जा रहा है।

जिसके आलोक में परिषद् ने टीम गठित करते हुए हरमू चौक स्थित रांची फिजियोथेरेपी क्लिनिक एव पहाड़ी मंदिर स्थित सरस्वती फिजियोथेरेपी क्लीनिक में औचक निरीक्षण किया।

इसमें दोनों जगह कार्यरत लोगो के पास परिषद् द्वारा निबंधन नहीं पाया गया। परिषद् द्वारा ऐसे क्लीनिक संचालकों को शीघ्र निबंधन करने और अपने बोर्ड और क्लीनिक में रजिस्ट्रेशन नंबर को प्रदर्शित करने को कहा गया।

रांची शहर में परिषद् का यह पहला औचक निरीक्षण है और आगे भी झारखंड के सभी जिलों में यह निरीक्षण जारी रहेगी।

जिस से फर्ज़ी और अकुशल फिजियोथेरेपिस्ट पर लगाम लग सके। राज्य में कार्यरत सभी सरकारी एव गैर सरकारी फिजियोथेरेपिस्ट को परिषद् से निबंधन कराना अनिवार्य है।


इसके पूर्व परिषद द्वारा झारखंड के जमशेदपुर में भी कुछ क्लिनिक पर औचक निरीक्षण किया गया था।

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