मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ने जताया शोक
RANCHI : जमशेदपुर से एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है. इस सड़क हादसे में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई है।
हादसा सोनारी थाना क्षेत्र के दोमुहानी मरीन ड्राइव के पास हुआ है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है।
दोनों ने सोशल मीडिया पर कहा कि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी और अन्य लोगों के निधन की खबर बेहद दु:खद और हृदयविदारक है।
बताया जा रहा है कि सड़क पर पहले से खड़े एक भारी ट्रक के पीछे तेज रफ्तार कार जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई।
जानकारी के मुताबिक, ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे ब्रेकडाउन होने के बाद मरीन ड्राइव की सड़क पर खड़ा था।
गुरुवार तड़के तेज गति से आ रही कार अनियंत्रित होकर सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के परखच्चे उड़ गए।
कार में सवार लोगों को बाहर निकालना भी बेहद मुश्किल हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल के रूप में हुई है।
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है. इस दर्दनाक हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर है।
मुख्यमंत्री सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है।
सीएम हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर दुख जताा है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘जमशेदपुर में NH हाईवे पर हुए सड़क हादसे में राज्य सरकार में साथी मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी एवं अन्य लोगों के निधन की बेहद दु:खद और हृदयविदारक खबर से मन अत्यंत व्यथित है।
अपनी संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और असहनीय होता है।
इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं बहन दीपिका जी एवं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. इस अपूरणीय क्षति के लिए शब्द नहीं हैं।
