ऑस्ट्रेलिया में जंगली घोड़ों को हवाई शूटिंग में मारने की मंजूरी, जानवरों और पौधों के लिए बताया खतरा

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नई दिल्‍ली । ऑस्ट्रेलिया ने दो दशक पहले जंगली घोड़ों को मारने की जिस प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उस विवादास्पद प्रथा की एक बार फिर से शुरुआत होने जा रही है। जिसके चलते स्थानीय प्रशासन की ओर से न्यू साउथ वेल्स में मौजूद कोसियुज्को राष्ट्रीय उद्यान में जंगली घोड़ों को हवाई शूटिंग में मारने की मंजूरी दे दी गई है। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से देश के वन्यजीवों और पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी बताया गया है।

प्रशासन ने 2027 तक जंगली घोड़ों की आबादी 3,000 करने का रखा लक्ष्य

आपको बताते चलें कि कोसियुज्को राष्ट्रीय उद्यान में रहने वाले लगभग 19,000 जंगली घोड़ों को स्थानीय रूप से ब्रम्बीज के रूप में जाना जाता है। प्रशासन की ओर से 19,000 जंगली घोड़ों की इस आबादी को 2027 के तक 3,000 तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। न्यू साउथ वेल्स की पर्यावरण मंत्री पेनी शार्प का इस मामले पर कहना है कि जंगली घोड़ों की आबादी पर नियंत्रण रखने के उपायों का कई बार प्रयास किया गया। जिसमें इन्हें पकड़ने के साथ ही पुनर्वास कराया गया, लेकिन ये प्रयास कम नहीं हैं। जंगली घोड़ों की बढ़ती संख्या की वजह से संकटग्रस्त देशी प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा बना हुआ है।

सन् 2000 में हवाई फायरिंग के जरिए मारे गए थे 600 से अधिक जंगली घोड़े

पर्यावरण मंत्री पेनी शार्प ने आगे कहा कि इन सभी समस्याओं के चलते अब कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में ये कार्रवाई कोई पहली बार नहीं हो रही है, बल्कि इससे पहले सन् 2000 के दौरान हेलीकॉप्टरों से हवाई फायरिंग के जरिए तीन दिनों में 600 से अधिक जंगली घोड़ों को मारा गया था। इस कार्रवाई के बाद हर तरफ शुरू हुई सार्वजनिक आलोचनाओं के बाद इस प्रकार की कार्रवाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

हर साल 15-18 प्रतिशत बढ़ रही जंगली घोड़ों की संख्या

हवाई शूटिंग फिर से शुरू करने के निर्णय का स्वागत करने वाले इनवेसिव स्पीशीज काउंसिल संरक्षण समूह के अनुसार, न्यू साउथ वेल्स में जंगली घोड़ों की संख्या में हर साल 15 से 18 प्रतिशत की दर से बढ़त देखी जा रही है। इसके साथ ही पूर्व में वैज्ञानिक समिति ने अपनी जांच के बाद चेतावनी देते हुए कहा था कि जंगली घोड़े तेजी से लुप्त हो रहे छह लुप्तप्राय जानवरों और तकरीबन दो लुप्तप्राय पौधों की अंतिम रूप से विलुप्ति में जरूरी भूमिका निभा सकते हैं। इतना ही नहीं, पार्क में जंगली घोड़ों की अत्यधिक आबादी की वजह से मिट्टी, जलमार्ग और चूना पत्थर की गुफाओं पर खतरा मंडरा रहा है।

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