मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस समारोह में लॉन्च की जाने वाली नीतियों, योजनाओं का उद्घाटन- शिलान्यास परिसंपत्ति वितरण और अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली

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मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने 15 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह और “आपकी योजना- आपकी- सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

RANCHI: मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने 15 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह और आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम के तीसरे चरण की शुरुआत को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने सारी व्यवस्थाएं ससमय पूरा करने समेत कई अहम निर्देश अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि एक विज़न के अनुरूप सभी कार्यक्रम निर्धारित किए जाएं। इस दौरान अधिकारियों ने समारोह के मिनट टू मिनट से अवगत कराया।

राज्य स्थापना दिवस समारोह में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की लॉन्चिंग होनी है।

इसे लेकर मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से उनके विभाग द्वारा लॉन्च की जाने वाली योजनाओं और पॉलिसी की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस समारोह में जिन योजनाओं का उद्घाटन शिलान्यास होना है, उसकी पूरी रूपरेखा समय पूर्व पूरी कर ली जानी चाहिए।

राज्य स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री के द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर रोजगार मेला -सह-नियुक्ति पत्र वितरण, खिलाड़ियों के बीच पुरस्कार राशि का वितरण, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के लाभुक छात्राओं के बीच डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण और लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के द्वारा स्थापना दिवस समारोह में झारखंड निर्यात नीति झारखंड एमएसएमई नीति, झारखंड स्टार्टअप नीति और झारखंड आईटी डाटा और बीपीओ प्रमोशन नीति लॉन्च की जाएगी।

इसके अलावा अबुआ आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का भी शुभारंभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर से 29 दिसंबर तक चलने वाले “आपकी योजना -आपकी सरकार- आपके द्वार” कार्यक्रम के तीसरे चरण का शुभारंभ होगा।

यह सरकार का एक अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। दो बार इसका आयोजन हो चुका है और इसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं ।

इस दौरान आयोजित शिविरों में लाखों लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ है। ऐसे में इस अभियान का तीसरा चरण सफलतापूर्वक आयोजित हो। लोगों को उनका अधिकार मिले, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की आवाज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।

दूरस्थ और दूर- दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सरकार की योजनाओं का हर हाल में लाभ मिले, इसे आप सुनिश्चित करें ।

इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लोगों को यह अहसास होना चाहिए कि यह सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उस दिशा में तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम पहले भी दो बार आयोजित हो चुका है।

अभी जिलों में कई ऐसे अधिकारी तैनात हैं, जो इस कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं और कई ऐसे भी अधिकारी हैं, जो पहली बार इस कार्यक्रम को आयोजित करेंगे।

ऐसे में पहले कार्य कर चुके अधिकारी इन अधिकारियों को सहयोग करेंगे और सभी समन्वय बनाकर सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अबुआ आवास योजना , अबुआ बीर दिशोम योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना, बिरसा कूप योजना,

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और मुख्यमंत्री पशुधन योजना समेत अन्य फ्लैगशिप योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को लाभ दिया जाना चाहिए।

इसके लिए मिले आवेदनों का निष्पादन हर हाल में हो, इसे आपको सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोई इस योजना का लाभ गलत तरीके से ना ले इसे भी सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत लगने वाले शिविरों में आने वाले सभी आवेदकों को फलदार पौधा देना सुनिश्चित करें और उन्हें वृक्षारोपण के प्रति प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले शिविरों में हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर प्रखंडों से कई शिकायतें मिलती रहती है। यहां आने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान उचित तरीके से नहीं होता है। काफी समय से कई मामले लंबित रहते हैं ।

ऐसे में सभी उपायुक्त प्रखंड कार्यालयों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। प्रखंडों से संबंधित शिकायतें सरकार तक नहीं पहुंचनी चाहिए।

ग्रामीणों की समस्या से संबंधित शिकायतों का हर हाल में समाधान निकालें।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव  सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त -सह -अपर मुख्य सचिव  अरुण कुमार सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव  अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव  एल खियांगते,

प्रधान सचिव  राजीव अरूण एक्का, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव  अजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव  विनय कुमार चौबे समेत समेत कई विभागों के सचिव और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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