August 27, 2026

नेत्रदान जागरूकता रैली में 150 लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

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प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा, निदेशक, RIMS ने कहा कि
नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी व्यक्ति को दुनिया देखने का अवसर देने का सबसे बड़ा मानवीय उपहार

प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार, HOD, RIO, RIMS ने कहा कि
एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है

RANCHI: 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर गवर्नमेंट आई बैंक, क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (RIO), राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में गुरुवार को नेत्रदान जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

रैली का उद्देश्य आम लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा मृत्यु के बाद नेत्रदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाने का संदेश देना था।
रैली का शुभारंभ RIO भवन से हुआ। इसके बाद रैली बरियातू रोड होते हुए RIMS परिसर, ट्रॉमा सेंटर, OPD ब्लॉक एवं सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक से गुजरती हुई पुनः RIO भवन पहुंचकर संपन्न हुई।

रैली में बड़ी संख्या में चिकित्सक, चिकित्सा छात्र, नर्सिंग कर्मी एवं अस्पताल के कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने नेत्रदान के समर्थन में जागरूकता संदेश एवं पोस्टर लेकर लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में RIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा, डीन प्रो. (डॉ.) राजीव मिश्रा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. (डॉ.) हिरेंद्र बिरुआ, RIO के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार, ब्लाइंडनेस ऑफिसर डॉ. पंकज कुमार,

डॉ दीपक लकड़ा, डॉ राहुल प्रसाद SOTTO के नोडल ऑफिसर, डॉ. प्रीतिश, सदर रांची, आई बैंक की टीम, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ एवं ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट सहित लगभग 150 लोग उपस्थित रहे।

150 लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

रैली के दौरान नेत्रदान प्रतिज्ञा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। लगभग 150 लोगों ने नेत्रदान का pledge form भरकर मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने नेत्रदान जागरूकता सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेकर अभियान के संदेश को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान RIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. (डॉ.) हिरेंद्र बिरुआ ने स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेकर अभियान को प्रेरणादायी संदेश दिया।

प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा, निदेशक, RIMS ने कहा कि
“नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी व्यक्ति को दुनिया देखने का अवसर देने का सबसे बड़ा मानवीय उपहार है।

समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए।”

प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार, HOD, RIO, RIMS ने कहा कि
“एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है।

हमारा प्रयास है कि नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर हों और अधिक से अधिक लोग इस महान कार्य के लिए आगे आएं।”
*प्रो. (डॉ.) हिरेंद्र बिरुआ, MS, RIMS ने कहा कि
“नेत्रदान केवल आंखों का दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नई उम्मीद और जीवन में रोशनी देने का संकल्प है।

RIMS इस जन-जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
आई बैंक, RIO की ओर से आम जनता से अपील की गई कि नेत्रदान के प्रति जागरूक बनें, स्वयं नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

मृत्यु के बाद समय पर नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया अनेक दृष्टिहीन लोगों के जीवन में उजाला ला सकता है।
संदेश:
*“नेत्रदान महादान — आंखें दान करें, किसी के जीवन में रोशनी भरें।”*

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