रिम्स प्रबंधन ने लिया परिसर में सरस्वती पूजा को सीमित तरीके से आयोजित करने का निर्णय

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पूर्व की भांति पूजा का इस वर्ष भव्य आयोजन न होने का मुख्य कारण सुरक्षा व कानून-व्यवस्था से संबंधित चिंताएं

RANCHI: रिम्स प्रबंधन ने परिसर में सरस्वती पूजा के आयोजन को सीमित तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया है।

पूर्व की भांति पूजा का इस वर्ष भव्य आयोजन न होने का मुख्य कारण सुरक्षा व कानून-व्यवस्था से संबंधित चिंताएं है।

विदित हो कि 24 जनवरी को कोकर में रिम्स के कुछ छात्रों और बाहरी लोगों के बीच हुई झड़प में 2023 बैच का एक MBBS छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था।

छात्र के सर पर गंभीर चोट लगी थी और वह जीवन मृत्यु से जूझ रहा था।

उसे जीवन रक्षक उपकरणों पर रखते हुए इलाज चल रहा था।

इस घटना के बाद कैंपस में काफी तनावपूर्ण स्थिति थी।

प्रबंधन ने छात्रों के सुरक्षा हितों एवं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस घटना में शामिल उन बाहरी लोगों पर सदर थाने में Institutional FIR दर्ज कराई है।

इस से पहले प्रबंधन ने पूरी घटना के पश्चात छात्रों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका पर सरस्वती पूजा का आयोजन स्थगित करने का निर्णय लिया था।

प्रबंधन ने आयोजन को स्थगित करने के यह भी कारण बताए हैं:
– जिस तरीके से यहां पूजा का आयोजन किया जाता है, वैसा देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में नहीं किया जाता।

– पूजा के दिन देर रात तक संगीत संचालन एवं आतिशबाजी से परिसर और रोगी परेशान होते हैं।

अस्पताल एक प्रतिबंधित क्षेत्र है जहां ऊंची आवाज में संगीत बजाना एवं आतिशबाजी की अनुमति नहीं होती है।

निदेशक ने कहा, “एक ओर जहां मरीज जिंदगी की जंग लड़ रहे होते हैं, वहीं दूसरी ओर उसी कैंपस में चिकित्सकों द्वारा पूजा के नाम पर रात को ऊंची आवाज में लाउडस्पीकर चलाते है और आतिशबाजी करते है, ऐसा सिर्फ रिम्स में होता है।”

– पूर्व में पूजा के दौरान छात्रों द्वारा मारपीट करना।
– पूजा के आयोजन हेतु बाहरी लोगों से चंदा जमा कर उन्हें परिसर में अनाधिकृत प्रवेश देना।

प्रो राजकुमार ने कहा, “पूजा के नाम पर शायद ही किसी अन्य राज्य के मेडिकल कॉलेज में कैंपस के बाहर इस तरह चंदा मांगा जाता है, जैसा यहां होता है।”

साथ ही पूजा के आयोजन में शामिल एक छात्र अभी जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहा है, इसलिए प्रबंधन को भव्य आयोजन का औचित्य सही नहीं लगा।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर इस निर्णय को धार्मिक पहलू देते हुए चर्चाएं चल रही है पर इसके विपरीत यह निर्णय पूर्ण रूप से छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया था।

गौरतलब है कि छात्रों द्वारा सूचित किया गया कि पूजा के आयोजन हेतु 70% तैयारी की जा चुकी है एवं पैसे भी दिए जा चुके है, जिसके पश्चात निदेशक रिम्स एवं संकायाध्यक्ष के निर्देशानुसार, छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर, समिति में शामिल डॉ शिव प्रिय, डॉ लखन मांझी, डॉ सुनंदा झा, डॉ रेखा शर्मा, डॉ देवेश कुमार, डॉ संदीप कुमार ने इस वर्ष पूजा को फैकल्टी सदस्यों के संरक्षण में प्रतिबंधित तरीके से सीमित समय के लिए आयोजित करने का निर्णय लिया है।

समिति ने छात्रों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। इसके अलावा रिम्स प्रबंधन द्वारा उपायुक्त को पूजा के दिन प्रशासन द्वारा सुरक्षा प्रदान करने हेतु पत्र भी भेजा जा रहा है।

24 जनवरी की घटनाक्रम के सन्दर्भ में एक जांच समिति का भी गठन किया है।

इस समिति में डॉ शशि बाला सिंह, डॉ मनोज कुमार, डॉ शिवप्रिये, डॉ अनूपा प्रसाद, डॉ मेरी पुष्पा बारा, डॉ लखन माँझी, डॉ सुनंदा झा शामिल है।

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