प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से आय सृजन पर केंद्रित श्रीरामकृष्ण किसान मेला भव्य रूप से सम्पन्न

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RANCHI: करगेनयाटोली, प्रखण्ड मांडर, जिला राँची में दिनांक 07 जनवरी 2026 (मंगलवार) को आयोजित क्षेत्रीय श्रीरामकृष्ण किसान मेला (प्रसंग) — “प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन द्वारा आय सृजन” — अत्यंत उत्साह, व्यापक सहभागिता एवं गरिमामयी वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

यह मेला किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त मंच बनकर उभरा।

मेले का आयोजन रामकृष्ण मिशन आश्रम, दिव्यायन कृषि विज्ञान केन्द्र तथा रामकृष्ण मिशन विवेकानन्द शैक्षणिक एवं शोध संस्थान, मोराबादी (राँची) के मार्गदर्शन में किया गया।

आयोजन को विवेकानन्द सेवा संघ, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय ग्रामीणों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।

मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, माननीय मंत्री (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग), झारखण्ड सरकार द्वारा किया गया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई किसान अपनी माटी और पारंपरिक कृषि पद्धतियों से दूर होते जा रहे हैं, जिससे टिकाऊ खेती प्रभावित हो रही है।

उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की सराहना करते हुए कहा कि अनगड़ा क्षेत्र के किसान श्री संतोष बेदिया जैसे प्रगतिशील कृषक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

साथ ही उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर स्वामी भवेशानंद जी (सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम) ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए इसके पर्यावरणीय, आर्थिक एवं सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में स्वामी भक्तिशानंद, श्रीमती चंचला कुमारी (प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, मांडर), कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार सिंह, वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. भरत महतो,

डॉ. रवींद्र सिंह ,अरुण भक्तो एवम श्री विकाश महतो ने तकनीकी सत्रों में भाग लेकर किसानों को उपयोगी जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त श्रीमती शांति देवी (मुखिया, करगे) तथा श्री बीरेन्द्र मोहन (बीपीएम, जेएसएलपीएस) सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अतिथियों ने अपने विचार साझा करते हुए किसानों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं संसाधनों के समुचित प्रबंधन से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

मेले में लगभग 250 किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियाँ, फल, पुष्प, पशु-पक्षी एवं लघु व कुटीर उद्योगों से जुड़े उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई।

विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिसे लेकर किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस अवसर पर आयोजित किसान गोष्ठी, किसान सभा एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 38 प्रथम, 38 द्वितीय एवं 5 तृतीय स्थान प्राप्त प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।

साथ ही सफल कृषक बिरसा उरांव को विशेष सम्मान प्रदान कर उन्हें किसानों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया।

ग्राम के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, मेले में लगाए गए टाटा कैंसर जाँच स्टॉल पर बड़ी संख्या में किसानों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच करवाई, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।

कुल मिलाकर, यह श्रीरामकृष्ण किसान मेला न केवल ज्ञानवर्धन एवं अनुभव साझा करने का मंच बना, बल्कि किसानों को नई दिशा, प्रेरणा एवं आत्मविश्वास प्रदान करने वाला एक प्रभावशाली एवं यादगार आयोजन सिद्ध हुआ।

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