सर्दियों में उम्रदराज लोगों में निमोनिया का आसान शिकार, इन तरीकों से कर सकते हैं,बचाव

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निमोनिया फेफड़ों में होने वाली एक खतरानाक बीमारी है जो बैक्टिरीया वायरस या फंगस की वजह से होने वाले इन्फेक्शन के कारण होता है। सर्दियों में उम्रदराज लोग इसका आसान शिकार हो सकते हैं। इसलिए सर्दियों में बुजुर्गों का ख्याल रखना और इस बीमारी से बचाव करना बहुत जरूरी है। जानें क्यों बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक होता है और कैसे कर सकते हैं बचाव।

सर्दियों में उम्रदराज लोगों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।

निमोनिया बैक्टिरीया, फंगस या वायरस की वजह से फेफड़ों में होने वाला इन्फेक्शन है।
इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से बुजुर्गों को आसानी से निमोनिया हो सकता है।
शरीर के तापमान का कम होना, कंफ्यूजन, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 नई दिल्ली। निमोनिया के बढ़ते मामलों को देखकर आमतौर पर सभी यह सोच रहे हैं कि यह सिर्फ बच्चों को अपना शिकार बनाता है। लेकिन ऐसा नहीं है, सर्दियों में बुजुर्गों में भी निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, निमोनिया काफी खतरनाक होता है, लेकिन बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह यह उनके लिए और भी अधिक घातक हो सकता है। इसलिए इस मौसम में बुजुर्गों की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि क्या है निमोनिया और कैसे कर सकते हैं, अपने घर के उम्रदराज लोगों को इस खतरनाक बीमारी से बचा सकते हैं।

क्या होता है निमोनिया?
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक इन्फेक्शन है, जिसकी वजह से लंग्स में मौजूद एल्वियोली में पस या फ्लूड भर जाता है और इस कारण से बलगम, सांस लेने में तकलीफ, बुखार जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। यह किसी बैक्टिरीया, फंगस या वायरस से इन्फेक्ट होने की वजह से हो सकता है, जो फेफड़ों को इन्फेक्ट कर बीमार बनाते हैं। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, बैक्टिरीया से होने वाला निमोनिया अधिक घातक साबित हो सकता है।

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