सरकार एक माह के अंदर क्लिनिकल स्टेब्लिसमेट एक्ट मे संशोधन नही करती है तो चरण बद्ध आदोलन चलाया जाएगा : डॉ प्रदीप सिंह
झारखंड आईएमए राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न
IMA झारखंड राज्य चुनाव की औपचारिक घोषणा
IMA जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (JDN) एवं मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क (MSN) ने इंटर्नों के स्टाइपेंड में वृद्धि तथा सीनियर रेजिडेंट्स के पारिश्रमिक के पुनरीक्षण की मांग
RANCHI: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), झारखंड राज्य शाखा की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक ,रविवार को IMA भवन, रांची में संपन्न हुई।
जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में IMA के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व अध्यक्ष, जिला प्रतिनिधि एवं विभिन्न शाखाओं के चिकित्सक उपस्थित रहे।
बैठक में IMA झारखंड राज्य चुनाव की औपचारिक घोषणा की गई तथा चुनाव प्रक्रिया के संचालन हेतु पूर्व अध्यक्षों की चुनाव समिति का गठन किया गया।
जिसमें डॉ. अरुण कुमार सिंह (वर्तमान अध्यक्ष), डॉ. अजय सिंह (पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) एवं डॉ. जी. डी. बनर्जी (पूर्व अध्यक्ष, IMA रांची) को शामिल किया गया।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस मे झारखंड आईएमए के अध्यक्ष डॉ अरूण कुमार सिंह एवम महासचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि
बैठक में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग करते हुए इसे छोटे एवं मध्यम अस्पतालों के अनुकूल बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया, जैसा कि बिहार एवं अन्य राज्यों में लागू है।
इस संबंध में राज्य सरकार को एक माह का नोटिस देने का निर्णय लिया गया। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार एक माह के अंदर क्लिनिकल स्टेब्लिसमेट एक्ट मे संशोधन नही करती है तो झारखंड आईएमए चरण बद्ध आदोलन प्रारंभ किया जायेगा।

IMA जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (JDN) एवं मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क (MSN) ने इंटर्नों के स्टाइपेंड में वृद्धि तथा सीनियर रेजिडेंट्स के पारिश्रमिक के पुनरीक्षण की मांग उठाई।
कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण इंटर्न एवं सीनियर रेजिडेंट्स को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इन मांगों को लेकर भी सरकार को एक माह का नोटिस देने का निर्णय लिया गया।
समयसीमा में समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन के बाद निजी एवं सरकारी अस्पतालों में पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जबकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
बैठक में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट (MPA) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सशक्तीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में कोविड ड्यूटी के दौरान दिवंगत चिकित्सकों के मामलों की समीक्षा की गई। यह चिंता व्यक्त की गई कि अब तक केवल स्व. डॉ. विनोद कुमार को ही आधिकारिक मान्यता मिली है,
जबकि राज्य में लगभग 60 चिकित्सकों ने कोविड सेवा के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए।
IMA झारखंड ने सभी शहीद चिकित्सकों के परिवारों को न्याय एवं मुआवज़ा दिलाने हेतु सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
बैठक में विशेष रूप से डॉ. धनवंतरी तिवारी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), डॉ. बी. पी. कश्यप, डॉ. बिमलेश सिंह, डॉ. प्रभा रानी, डॉ. ठाकुर मृत्युंजय सिंह, श्री बीरेंद्र प्रसाद पंकज, डॉ. आर. एस. दास, डॉ. गणेश प्रसाद, डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सिंह,
डॉ. अजय सिंह (पलामू), डॉ. ब्यूटी बनर्जी एवं डॉ. अभिषेक कुमार रामाधिन सहित राज्यभर से आए चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
IMA झारखंड राज्य शाखा राज्य के चिकित्सकों की गरिमा, सुरक्षा एवं वैध अधिकारों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है तथा जनहित में व्यावहारिक, न्यायसंगत एवं चिकित्सक-अनुकूल स्वास्थ्य नीतियों की मांग करती रहेगी।
