प्रदेश की विधि-व्यवस्था चिंतनीय, भयमुक्त माहौल के लिए ठोस पहल हो: चैंबर

झारखण्ड चैंबर के कार्यकारिणी समिति की बैठक
RANCHI: झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारिणी समिति की बैठक आज चैंबर भवन में अध्यक्ष परेश गट्टानी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
प्रदेश की विधि व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कार्यकारिणी समिति ने माननीय मुख्यमंत्री और डीजीपी से ठोस कार्रवाई की अपील की। चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि व्यापारी वर्ग किसी भी पार्टी विशेष का प्रतिनिधि नहीं होता,
व्यापारी केवल व्यापार करता है, वह कभी भी स्वेच्छा से बंदी का समर्थन नहीं करता। प्रदेश में आये दिन हत्या, डकैती जैसी घटित हो रही घटनाओं से व्यापार जगत के साथ ही आमजनों में भय का माहौल बना हुआ है।
चिंतनीय है कि ईद, सरहुल, रामनवमी के त्यौहार के समय में भी बंदी के माहौल का सामना करना पड रहा है। सरकार पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि व्यापारी भयमुक्त होकर, आर्थिक गतिविधियों को गति दे सकें।
जेबीवीएनएल द्वारा प्रस्तावित नई बिजली टैरिफ पर आपत्ति जताते हुए व्यापारियों ने एकमत से प्रस्तावित टैरिफ का विरोध करते हुए, नियामक आयोग से इसपर चिंतन करने का आग्रह किया।
झारखण्ड से एग्री एक्सपोर्ट को बढावा देने के लिए सदस्यों ने प्रदेश में एपीडा और डीजीएफटी के कार्यालय की स्थापना, पेस्टीसाइड रेसीड्यू लैब की स्थापना के साथ ही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर वृहद कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड रूम और कारगो टर्मिनल की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की।
यह कहा कि इन प्रयासों से राज्य से एग्री एक्सपोर्ट को बढावा मिलेगा।
झारखण्ड में जीएसटी रजिस्ट्रेशन बंद होने से होनेवाली कठिनाई पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि झारखण्ड के आवेदन को पटना भेंजा जाता है जहां हमारे अधिकांश आवेदन रिजेक्ट कर दिये जा रहे हैं।
झारखण्ड का जीएसटी रजिस्ट्रेशन बिहार में क्यों ? चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने इस मामले में जल्द ही विभागीय आयुक्त से मिलकर वार्ता करने की बात कही।
झारखण्ड में प्रभावी न्यूनतम मजदूरी शुल्क की अव्यवहारिकता से होनेवाली परेशानियों पर चैंबर द्वारा माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय में दायर की गई।
याचिका से भी महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने सदस्यों को अवगत कराया।
बैठक में एसपीटी एक्ट और खासमहल भूमि की समीक्षा हेतु सरकार द्वारा गठित कमिटी में झारखण्ड चैंबर के एक सदस्य और दुमका बार काउंसिल से विशेषज्ञ अधिवक्ता को शामिल किये जाने की आवश्यकता बताई गई।
कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने राज्य सरकार से प्रदेश में भवन नियमितीकरण योजना को जल्द प्रभावी बनाने तथा मास्टर प्लान 2037 में लैंड यूज में संशोधन करने की भी मांग की।
यह कहा कि इस प्रयास से सरकार को भी भारी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होगी।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव विकास विजयवर्गीय, नवजोत अलंग, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल,
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, अमित साहू, कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा, आस्था किरण, डॉ0 अभिषेक रामाधीन, मुकेश अग्रवाल,
प्रवीण लोहिया, रोहित पोद्दार, साहित्य पवन, संजय अखौरी, विमल फोगला, पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा, किशोर मंत्री, सदस्य रमेश साहू,
आनंद जालान, किशन अग्रवाल, कार्तिक प्रभात, एसके अग्रवाल, आनंद कोठारी, तेजविंदर सिंह, एनके पाटोदिया, दीनदयाल बरनवाल, सुबोध चौधरी, राजीव चौधरी, संतोष अग्रवाल और सिमडेगा चैंबर के पदाधिकारी उपस्थित थे।