कर्मयोग के सच्चे उपासक रहे संत रविदास: बाबूलाल मरांडी

संत रविदास जी की जयंती भाजपा कार्यालय में मनाई गई
भाजपा ने कवि और समाज सुधारक रविदास जी की जयंती मनाई
RANCHI: आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में माघ पूर्णिमा पर संत रविदास जयंती मनाई गई।
अनुसूचित जाति मोर्चा के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी,प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित मोर्चा के कार्यकर्ता ,पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने संत रविदास के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि संत रविदास जी कर्म योग के सच्चे उपासक थे।
रविदास जी भक्ति मार्ग केलिए अपने कर्म को शुद्ध पवित्र बनाकर ईश्वर के चरणों में अर्पित करना ही भक्ति मानते थे।
उन्होंने मन और विचार की शुद्धि पर जोर दिया तथा बाह्य आडंबरों से दूर रहने की प्रेरणा दी।
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा संत रविदास जी ने रविदासिया पंथ की स्थापना की थी। इन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी गई थीं।
संत रविदास बेहद धार्मिक स्वभाव के थे।वे भक्तिकालीन संत और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ-साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया।
संत रविदास जी ने लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी और इसी तरह से वे भक्ति के मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाए।
संत रविदास जी अपना अधिकांश समय भगवान की पूजा में लगाते थे और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए, उन्होंने एक संत का दर्जा प्राप्त किया। ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ रविदास जी का ये दोहा आज भी प्रसिद्ध है। रविदास जी का कहना था कि शुद्ध मन और निष्ठा के साथ किए काम का हमेशा अच्छा परिणाम मिलता है।
इस मौके पर पूर्व विधायक रामचंद्र नायक,सीमा पासवान,शिवपूजन पाठक,हेमंत दास,आरती सिंह,जोगेंद्र लाल,राजीव राज लाल,राकेश राम,संदीप कुमार,सुचिता सिंह,पंकज सिन्हा,लक्ष्मीचंद्र दीक्षित ,संजय जायसवाल एवं अन्य ने भी पुष्प अर्पित किया।