चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने दुर्लभ रोगों के निदान, उपचार, अनुसंधान, और राज्य में स्वास्थ्य नीतियों के बारे में विचार-विमर्श करते हुए ज्ञान साझा किया

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रिम्स मे  Walk For Rare” की थीम पर walkathon और “Rare Disease Day” कार्यक्रम का आयोजन

RANCHI : रिम्स रांची और Rare Diseases India Foundation (RDIF) के संयुक्त तत्वावधान में आज “Walk For Rare” की थीम पर walkathon और “Rare Disease Day” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह आयोजन झारखंड में दुर्लभ रोगों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बहु-हितधारकों (Multi-Stakeholders) को इस मुहिम से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया।

“Walk For Rare” में झारखंड की आम जनता सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, मरीजों, उनके परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं—की सक्रिय भागीदारी रही।

इस जागरूकता पदयात्रा के माध्यम से दुर्लभ रोगों से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को बल दिया गया।
इसके पश्चात “Rare Disease Day” पर जागरूकता सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने दुर्लभ रोगों के निदान, उपचार, अनुसंधान, और राज्य में स्वास्थ्य नीतियों के बारे में विचार-विमर्श करते हुए ज्ञान साझा किया।

“Walk For Rare” और “Rare Disease Day Awareness” के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र व समाज में यह संदेश दिया गया कि दुर्लभ रोगों से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समान चिकित्सा सुविधाएँ और सहयोग मिलना चाहिए।

RDIF के निदेशक, सौरभ सिंह ने दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष देखभाल और सहायता संरचना की अत्यंत आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “झारखंड में दुर्लभ रोगों के लिए एक समर्पित उत्कृष्टता केंद्र (COE) की अनुपस्थिति के कारण कई मरीज और उनके परिवार उचित निदान, उपचार और सहायता सेवाओं तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

यह आवश्यक है कि RIMS इस भूमिका को अपनाकर स्वास्थ्य सेवा में इस महत्वपूर्ण कमी को पूरा करे।”

कार्यक्रम में रिम्स डीन प्रो. शशि बाला सिंह, डीन रिसर्च प्रो. पी के भट्टाचार्य, डीन Examination प्रो. मनोज कुमार, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. हिरेन्द्र बिरुआ,

अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी, डॉ. अनुपा प्रसाद, विभागाध्यक्ष जनेटिक्स एवं जीनॉमिक्स, रिम्स राँची एवं स्टेट नोडल ऑफिसर दुर्लभ रोग एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप मे NHM से डॉ. आर एन शर्मा एवं डॉ कमलेश कुमार शामिल थे ।

आज का आयोजन न केवल दुर्लभ रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि झारखंड में RIMS को दुर्लभ रोगों के लिए Centre of Excellence के रूप में स्थापित करने की मांग को भी बल देता है।

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