बिहार-झारखंड के केवीके का तीन दिवसीय क्षेत्रीय वार्षिक समीक्षात्मक कार्यशाला 17 जनवरी से रांची में
RANCHI: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर) की कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), पटना के द्वारा नामकुम, रांची स्थित राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान में 17 जनवरी से तीन दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षात्मक वार्षिक कार्यशाला का आयोजन होगा ।
इस कार्यशाला में बिहार के 44 एवं झारखंड के 24 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के सभी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान भाग लेगें ।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि डा. राजवीर सिंह, उपमहानिदेशक (कृषि प्रसार), आईसीएआर,नई दिल्ली होगें । इस कार्यक्रम में बिहार एवं झारखंड के केंद्रीय कृषि विवि एवं राज्य कृषि विवि के कुलपति और निदेशक (प्रसार शिक्षा) तथा आईसीएआर संस्थानों के निदेशक – गण भी भाग लेगें ।
अटारी निदेशक डा. अंजनी कुमार ने बताया कि आईसीएआर – अटारी, पटना के मार्गदर्शन में से कुल 68 केवीके बिहार एवं झारखंड के सभी जिलों में कार्यरत हैं ।
इन कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा भारत में बदलते कृषि परिदृश्य और बदलती जलवायु परिवर्तन के अनुकुल विभिन्न कृषि अनुसंधान संस्थान और कृषि विवि के नवीनतम तकनीकों का किसानों की भागीदारी से प्रदर्शित किया जाता है ।
ताकि किसानों की खेती को लाभकारी बनाया जा सके और साथ ही ग्रामीण युवाओं को कृषि से जोड़ने के लिए उद्यमिता तथा महिलाओं को रोजगारपरक एवं लाभदायी साधनों से जोड़ा जा सके ।
कुपोषण जैसी विकराल समस्या के समाधान के लिए भी केवीके के माध्यम से अनेकों कार्यक्रम चलायें जा रहे हैं ।
डा. कुमार ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में बिहार एवं झारखंड के कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की वार्षिक समीक्षा के साथ-साथ आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों द्वारा अनुशंसित नवीनतम कृषि तकनीकी का अदान- प्रदान किया जायेगा,
जिससे बदलते कृषि परिवेश में नवीनतम कृषि तकनीकियों से कृषि को सशक्त करते हुए किसानों, ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को अधिक सबल बनाया जा सके ।
