रांची में लचर कानून व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरे रक्षा राज्य मंत्री

समर्थकों के साथ पिस्का मोड पर 6 घंटे तक डटे रहे संजय सेठ
स्ट्रेचर पर है रांची की कानून व्यवस्था
नागरिकों के जान माल की सुरक्षा की गारंटी दे प्रशासन
अनिल टाइगर के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मिले सजा
RANCHI: रांची में ध्वस्त होती कानून व्यवस्था, फेल हो चुकी पुलिसिंग, बढ़ते अपराध और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल टाइगर की हत्या के विरोध में रांची महानगर पूरी तरह से बंद रहा।
भाजपा के आह्वान पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पंडरा मंडल एवं सुखदेव नगर मंडल के सैकड़ो समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे और पिस्का मोड़ के समीप सड़क पर बैठकर विरोध जताया ।
इससे पूर्व रक्षा राज्य मंत्री ने सभी व्यवसाईयों, दुकानदारों व अन्य लोगों से बंद को समर्थन करने की अपील की।
रक्षा राज्य मंत्री के साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और व्यवसायी भी इस बंद के समर्थन में खड़े रहे।
सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:00 तक रक्षा राज्य मंत्री खुद पिस्का मोड पर सड़क पर बैठे रहे।
इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे जाम छोड़ने का अनुरोध भी किया।
रक्षा मंत्री इसी बात पर अड़े रहे कि रांची की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो।
रांची से जंगल राज खत्म हो। इस पर शासन और प्रशासन काम करे।
सड़क जाम के दौरान श्री संजय सेठ ने कहा कि यह जाम कोई राजनैतिक जाम नहीं है। यह रांची में लचर हो चुकी कानून व्यवस्था के खिलाफ जनआंदोलन का आगाज है।
यदि अभी शासन और प्रशासन ने रांची की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की तो आंदोलन की धार और तेज होगी।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की शासन व्यवस्था स्ट्रेचर पर है और सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है।
पुलिसिंग पूरी तरह से फेल हो चुकी है। जिसके वजह से आए दिन लूटपाट, अपराध और हत्याएं हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि अविलंब रांची की पुलिसिंग की समीक्षा हो।
दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। अनिल टाइगर के हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा दिलाई जाए। रांची की जनता के जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें।