हेमंत सरकार,आदिवासी मूलवासी विरोधी सरकार : विजय शंकर नायक

विजय शंकर नायक का हेमन्त सोरेन पर जोरदार हमला,कहा
जोरार नामकुम की घटना निंदनीय सोनू मुंडा के हत्यारों को फांसी दो और सोनू मुंडा के परिवार वालो को मुआवजा 50 लाख एक आश्रित को नौकरी दे हेमंत सोरेन सरकार
RANCHI : आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवम पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने आज अपने प्रेस बयान जारी कर हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा।
श्री नायक ने राज्य सरकार को आदिवासी मूलवासी विरोधी बताते हुए कहा कि होली के दिन जोरार नामकुम में हुई हिंसक घटना पुलिस प्रशासन की अक्षमता साबित करता है।
मामले में प्रशासन ने गैर झारखण्डी उपद्रवियों कि गिरफ्तारी कर सिर्फ आदिवासी मूलवासी लोगों के विश्वास जीतने का ढोंग रचने का प्रयास भर है पुलिस अगर मुस्तैद रहती तो ये घटना ही नहीं घटती।
रांची पुलिस अगर आदिवासी मूलवासी समाज का विश्वास जितना चाहती है तो इरादतन हत्या का आरोप में 302 के तहत सब अपराधियों पर मुक़दमा दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में फांसी की सजा दिलाए तब ही सोनू मुंडा को न्याय मिल सकता है।
श्री नायक ने आगे कहा कि आदिवासी युवक की हत्या एवं हिंसक हमले एक पूर्व नियोजित योजना के तहत की गई है ।
राजद- कांग्रेस-झामुमो के शासन में आदिवासी मूलवासी समाज अगर अपने उत्पीड़न एवं शोषण का प्रतिरोध करता है तो जैसे लगता है कोई अपराध कर दिया है।
यदि वे शोषण का विरोध करेंगें तो उन्हें दौड़ा दौड़ा कर गैर झारखंडीयों के द्वारा मारा एवं पीट पीट कर हत्या कर दिया जाएगा जो राज्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।
श्री नायक ने आगे कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ही आज दिन दहाड़े आदिवासी युवाओ को दौड़ा दौड़ा कर पीट पीट कर हत्या की जा रहीं है , तो दूसरी ओर सिरम टोली के मुख्य द्वार पर फ्लाई ओवर से रैम्प हटाने के लिए आदिवासी समाज आंदोलनरत है मगर आज तक सरकार धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहीं है।
आज हेमंत सरकार की आदिवासी मूलवासी विरोधी मानसिकता स्पष्ट नज़र आती है।