नए जोश के साथ चुनावी समर में उतरेंगे पटवारी

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भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज शाम अपना पदभार ग्रहण कर लिया है ।

पटवारी बैरागढ़ से शाम पांच बजे रैली शुरु कर राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्‍होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया ।

इसके पहले आज कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंच कर दर्शन और पूजा अर्चना की।

उज्जैन में उनका कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया गया।

उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी लोकसभा चुनाव में अब नए जोशोखरोश के साथ चुनावी समर में उतरेंगे।

इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करके पटवारी टीम को अंतिम रूप देंगे।

हाल ही में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता निराशा में डूबे हुए हैं।

कांग्रेस को भारी पराजय मिलने के बावजूद यदि नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया जाता तो कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश नहीं जाता।

दरअसल, इस बार का विधानसभा चुनाव कमल नाथ और दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में लड़ा गया था।

दोनों की पसंद पर टिकट वितरण हुआ। इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए पर अंतिम निर्णय दोनों की पसंद पर ही हुए।

चुनाव अभियान के संचालन की दिशा भी इन्होंने ही तय की। जब परिणाम अनुकूल नहीं आई तो नेतृत्व पर बात उठना स्वभाविक थी।

केंद्रीय संगठन ने चुनाव परिणाम की समीक्षा के साथ ही पीढ़ी परिवर्तन का मन बना लिया था।

पटवारी का सकारात्मक पक्ष यह है कि युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रहते, उन्होंने पूरे प्रदेश में नेटवर्क बनाया और अब यह टीम मुख्यधारा में आएगी।

नए लोगों को प्रदेश इकाई में काम करने का मौका मिलेगा तो वरिष्ठों का साथ भी लिया जाएगा।

लोकसभा चुनाव मार्च में घोषित हो जाएंगे। इस हिसाब से देखा जाए तो पटवारी के सामने पहले चुनौती कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार करने की होगी।

उन्हें निराशा के भाव से निकालकर भाजपा से मुकाबले के लिए प्रेरित करना होगा। प्रत्याशी चयन के साथ-साथ चुनिंदा लोकसभा सीटों पर अभी से काम करना होगा।

फिलहाल कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए चार कार्यकारी अध्यक्ष भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त किए जा सकते हैं।

यह प्रयोग कमल नाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनते समय भी किया था। उस समय जीतू पटवारी कार्यकारी अध्यक्ष थे।

पटवारी और उमंग सिंघार मालवांचल से आते हैं। जबकि, विधायक दल के उप नेता बनाए गए हेमंत कटारे ग्वालियर अंचल से आते हैं। विंध्य, महाकोशल, बुंदेलखंड और मध्य भारत से कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संतुलन साधा जा सकता है।

विधानसभा चुनाव में पार्टी जरूर हार गई पर छिंदवाड़ा सहित दस लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम के हिसाब से भाजपा को पराजय मिली है।

इनमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, टीकमगढ़, मंडला, बालाघाट, रतलाम, धार और खरगोन सीट शामिल हैं।

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