साह-बहू-पति सम्मेलन का आयोजन ससमय करें: डॉ अनिल कुमार

 

 

टेली-परामर्श के मदद से परिवार नियोजन तथा प्रजनन स्वास्थ्य के कार्यों में गति आ जायेगी

RANCHI: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड तथा एफ पी ए इंडिया के समन्वय से टेली परामर्श के माध्यम से परिवार नियोजन तथा प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के कार्यों में बढ़ोतरी हेतु राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता डाॅ अनिल कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी परिवार नियोजन के द्वारा किया गया।

इस कार्यशाला में मौके पर राज्य समन्वयक गुजंन खलखो, एसीएमओ राॅची, एसीएमओ खूॅटी, डाॅ रजनी नीलम टोप्पो, निदेशक एफपीआई इण्डिया डाॅ मनीषा बिशे, सहयोगी प्रोफेसर रिम्स डाॅ अर्चना कुमारी तथा राँची तथा खूॅटी के मेडिकल आफिसर ने भाग लिया।

डाॅ अनिल कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन के कार्य का योजना बनाकर ससमय कार्यो को करें अन्यथा होगी कार्यवाही।

डाॅ अनिल कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड का प्रजनन दर 2.3 है जो कि राष्ट्रीय स्तर 2.1 के काफी करीब है, हम बहुत जल्दी ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगें।

झारखण्ड की 70% जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। झारखण्ड 25 साल से कम उम्र की युवा आबादी के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।

झारखण्ड सरकार रूग्णता और मुत्युदर को कम करने के लिए विशेष रूप से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवतापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

टेली परामर्श के माध्यम से सुरक्षित गर्भपात और परिवार नियोजन सेवाओं की वृहत जानकारी तथा भ्रांतिया को दूर किया जा सके।

डाॅ अनिल कुमार ने कहा कि किसी भी परिस्थति में सहिया तथा उत्प्रेरक का प्रोत्साहन राशि ससमय प्रदान करना है।

उन्होनें परिवार नियोजन के सभी विधियों का प्रोत्साहन राशि, फिक्स डे सेवाएं, परिवार कल्याण दिवस के बारे में जानकारी दिए।

सास-बहु-पति सम्मेलन ससमय करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करना है।

दो बच्चो के जन्म में तीन से पाँच साल के अंतर के बारे में बताया।

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