इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हर्ष जोहार एक अहम शुरुआत होगा  : किरण कुमारी पासी

हर्ष जोहार पाठ्यक्रम का विमोचन

इस पाठ्यचर्या से राज्य के 10 लाख से भी अधिक बच्चे, 18000 शिक्षक एवं 4500 प्रधान अध्यापक लाभान्वित होंगे

RANCHI:  जॉइंट सेक्रेटरी अभिजीत सिन्हा (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग), किरण कुमारी पासी, राज्य परियोजना निदेशक (झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद्), डा अभिनव कुमार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद्) तथा प्रदीप चौबे, डिप्टी डायरेक्टर (झारखंड शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद) के द्वारा आज हर्ष जोहार पाठ्यक्रम का विमोचन हुआ।

पाठ्यक्रम के विमोचन के दौरान डा अभिनव कुमार (राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी) ने बताया कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षण पर बल देना है।

सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षण कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले शिक्षार्थियों को प्रतिकूलताओं से उबरने और उनके जीवन कौशल को विकसित करके जीवन की तेजी से बदलती गति के लिए तैयार करने में मदद करेगा।

सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम के माध्यम से हम एक ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं,

जहां प्रत्येक बच्चे और युवा विशेष रूप से अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों में शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक दक्षताओं को विकसित कर सकें।

इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद् (JEPC) निर्देशानुसार प्रोजेक्ट संपूर्णा टीम द्वारा झारखण्ड राज्य के 180 शिक्षकों एवं विभिन्न जिला व ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों की समय – समय पर क्षमता संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन विगत 2 वर्षों से किया जा रहा हैें।

इसी के साथ-साथ संपूर्णा टीम कक्षाओं में इसके क्रियान्वन के लिए शिक्षकों का सहयोग कर रही हैें। जिससे झारखण्ड के 27000 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।

झारखंड में हर्ष जोहार पाठ्यक्रम के रूप में संपूर्ण बाल विकास के लिए यह पहली पहल होगी।

हर्ष जोहार पाठ्यचर्या का उद्देश्य- शिक्षार्थियों में रचनात्मकता और भावनात्मक तर्क विकसित करना है।

इस शैक्षणिक वर्ष से राज्य के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (SOEs) के शिक्षकों के प्रशिक्षण की एक श्रृंखला शुरू की जाएगी

जो हर्ष जोहार पाठ्यक्रम पर आधारित होगी। यह पाठ्यक्रम सप्ताह में तीन दिनों के लिए उत्कृष्ट विद्यालयों में लागू किया जाना है।

सामाजिक एवं भावनात्मक अधिगम का यह अद्वितीय शिक्षण दृष्टिकोण झारखंड के बच्चों को स्वस्थ निर्णय लेने, सकारात्मक संबंध, पहल करने आदि के साथ फलने-फूलने का मार्ग प्रदान करेगा।

हम देखते हैं कि हमारे बच्चे प्रतिभाओं के धनी है, लेकिन कभी-कभी आत्मविश्वास या अन्य कारणों की वजह से अपना शत प्रतिशत नहीं दे पाते हैं।

हर्ष जोहार पाठ्यचर्या एक शुरुआत है, जो हर बच्चे को ये हौसला देगा कि वो अपने आप में सक्षम है,

किसी अन्य के साथ आपकी तुलना नही है। आप स्वयं बहुत बेहतर हैं और अपने से सब कुछ कर सकते हैं।

हर्ष जोहार पाठ्यचर्या के माध्यम से बच्चों के साथ सही संवाद की एक प्रक्रिया स्थापित होगी

कि शिक्षक और अभिभावक बच्चों के साथ कैसे बात करें जिससे कि बच्चे हमेशा आत्मविश्वास से लबरेज़ रहें।

इस पाठ्यचर्या विमोचन के सुअवसर पर संपूर्णा कंसोर्टियम के सदस्य भी उपस्थित रहे।

संपूर्णा कंसोर्टियम में- कैवल्या एजुकेशन फाउंडेशन, ड्रीम अ ड्रीम, क्वेस्ट अलायन्स, सत्त्वा कंसल्टेंसी, आई डी इनसाइट तथा पोरटिकस शामिल हैं,

जिनके समन्वय से हर्ष जोहार पाठ्यचर्या का निर्माण हुआ है। इस कार्यक्रम के पहले चरण के सफल क्रियान्वन हेतु 80 उत्कृष्ट विद्यालयों के 160 नोडल शिक्षकों का 5 दिवसीय प्रशिक्षण झारखंड शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद, रातू, राँची में अक्टूबर 2022 मे दिया जा चुका हैा।

इस पाठ्यचर्या से राज्य के 10 लाख से भी अधिक बच्चे, 18000 शिक्षक एवं 4500 प्रधान अध्यापक लाभान्वित होंगेा।

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