राजधानी रांची में लचर विद्युत आपूर्ति के विरोध में सीएमडी के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने जताया आक्रोश, दिया धरना

 

जन सरोकार से दूर हो रही सरकार सत्ता छोड़ें

अविलंब विद्युत आपूर्ति नहीं सुधरी तो झेलना होगा जनता का आक्रोश

RANCHI:  रांची सहित पूरे झारखंड में लचर हो चुकी विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने को लेकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने आज ऊर्जा विभाग के कार्यालय में जेवीवीएनएल के एमडी के० के० वर्मा के समक्ष आक्रोश जताया।

इस आक्रोश कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से रांची के सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू, रांची के विधायक सी०पी० सिंह, हटिया के विधायक नवीन जायसवाल, कांके के विधायक समरी लाल, महानगर अध्यक्ष के०के० गुप्ता, ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेंद्र महतो सत्यनारायण सिंह डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय मौजूद थे।


जनप्रतिनिधियों ने श्री वर्मा को स्पष्ट रुप से चेतावनी दी कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया गया है परंतु दुर्भाग्य है कि राजधानी रांची में 10-10 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है

ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और खराब है, वहां 24 घंटे में 2 से 3 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।

ना तो ट्रांसफार्मर है, ना तो पोल है और ना तार है। हर तरफ बिजली के बिना हाहाकार मचा हुआ है।

जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और पूरा महकमा सरकार के साथ सोया हुआ है।

संजय सेठ ने कहा कि पढ़ने वाले विद्यार्थियों, गृहिणियां नौकरी पेशा वाले लोग, व्यापारी व उद्योग धंधे से जुड़े लोग, गांव में काम कर रहे मजदूर किसान सब परेशान हैं।

बिजली की बदहाल स्थिति से सबकी जिंदगी प्रभावित हो रही है। सब का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

जनप्रतिनिधियों से बातचीत में सीएमडी श्री के०के० वर्मा ने आश्वस्त किया कि बिजली आपूर्ति सुधार करने की दिशा में कार्य चल रहे हैं।

सीएमडी की बातों से जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं हुए और उनके कार्यालय के सामने ही आधे घंटे का सांकेतिक धरना दिया।

धरने के दौरान सांसद  आदित्य साहू ने कहा कि यदि यह सरकार अविलंब बिजली आपूर्ति दुरुस्त नहीं करती है।

ट्रांसफार्मर पोल और तार उपलब्ध नहीं करवाती है तो पूरे राज्य की जनता का आक्रोश झेलना होगा।

सीपी सिंह ने कहा कि ऐसी निकम्मी सरकार आज तक इस राज्य में नहीं बनी, जिसे जनता की बिल्कुल भी परवाह नहीं है।

नवीन जायसवाल ने कहा कि यदि सरकार बिजली पानी जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं कर पाए तो ऐसी सरकार को लोकतंत्र की लाज रखते हुए सत्ता का त्याग कर देना चाहिए।

समरीलाल ने कहा कि यदि यह सरकार सजग नहीं होती है तो जनता इन्हें सत्ता से इतनी दूर करेगी, ये सत्ता का सपना देखना भी भूल जाएंगे।

संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि जन सरोकार से दूर रहने वाली सरकारों को जनता ने हमेशा हमेशा के लिए दूर किया है, यह भारतीय लोकतंत्र का इतिहास रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *