विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों का प्रदर्शन बहुत ही प्रेरणादायक: पंकज कंबोज

 

दिल्ली पब्लिक स्कूल, राँची में वार्षिकोत्सव बालपन : बचपन का चित्रण

चाहत चाँद को पाने की, सपनों को पंख लगाने की
कुछ जुनून है बुलंदियों को पाने की, काँटों में राह बनाने की

 

RANCHI:  चाहत, हौसला और जुनून की उड़ान और रफ़्तार दिल्ली पब्लिक स्कूल, राँची के विवेकानंद प्रेक्षागृह में आज वार्षिकोत्सव ‘बालपन’ के अन्तर्गत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम के साक्ष्य बने सभागार में उपस्थित गणमान्य अतिथिगण , अभिभावकगण, शिक्षकवृंद, छात्र- छात्राएँ तथा प्रेस और मीडिया जन.

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागतगान, विभिन्न वाद्य यंत्रों का सामूहिक जुगलबंदी एवं ज्ञान के प्रतीक दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

समारोह में मुख्य अतिथि पंकज कंबोज (अंचल आई. जी. राँची, झारखंड) एवं विशिष्ट अतिथि श्री अनिश गुप्ता (डी. आई. जी. राँची, झारखंड) , आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित होकर विद्यालय को गौरवान्वित किया।

अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राम सिंह ने अपने अभिभाषण में विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों में नैतिक मूल्य पर आधारित शिक्षा देने में विश्वास रखता है.

आजकल शिक्षा क्षेत्र में चुनौती और स्पर्धा बहुत ज्यादा होने के कारण हमारा विद्यालय बच्चों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करा रहा है

ताकि आने वाले समय में ये बच्चे पूरी मजबूती के साथ सभी चुनौतियों का डट कर सामना कर सकें.

उन्होंने बच्चों द्वारा किए गए सफल प्रयासों की प्रशंसा की और विद्यालय के छात्रों द्वारा विभिन्न परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने और अपने पसंद का कार्यक्षेत्र निर्धारित करने की क्षमता को वर्णित किया।

तत्पश्चात् कक्षा तीन विद्यार्थियों द्वारा ‘फेंटासी’ नामक नृत्य नाटिका से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज किया गया।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यार्थियों ने गाँव की सुंदरता का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया

और लोकनृत्य के द्वारा गाँव की कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति तथा जीवन में प्रकृति के महत्व को दर्शाया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पंकज कंबोज ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों का प्रदर्शन बहुत ही प्रेरणादायक था।

उन्होंने इस बात की प्रशंसा की कि विद्यालय छोटे बच्चों को आने वाले कल का जिम्मेदार नागरिक बनाने का जो प्रयास प्राचार्य के अधीन चल रहा है वह बहुत ही सराहनीय है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कक्षा चौथी और पाँचवीं के छात्रों द्वारा शीर्षक ‘सीमा रेखा’ नृत्य नाटिका का मंचन किया गया।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत बच्चों ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता की दौड़ में मोबाइल अवश्य ही हमारी जरूरत बन गया है पर हमें उस पर पूरी तरह आश्रित होकर अपने सुनहरे कल को बर्बाद नहीं होने देना चाहिए।

इस संदेशात्मक प्रस्तुतीकरण को देख सभागार में उपस्थित सभी दर्शकों ने तालियां बजाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम ग्रैंड फिनाले में सभी प्रतिभागी मंचासीन हुए। यह विहंगम दृश्य अविस्मरणीय था।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हेड ब्यॉय और हेड गर्ल के द्वारा किया गया।

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