दीपावली के मौके पर सूर्य ग्रहण के बाद आठ नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

 

आठ नंवबर को शाम 4 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा

भारत में सबसे पहले अरुणालच प्रदेश में चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा

RANCHI:  दीपावली के मौके पर सूर्य ग्रहण के बाद आठ नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा।

यह साल का दूसरा चंद्रग्रहण होगा, जो देश के पूर्वोत्तर हिस्से में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। बाकी हिस्सो में आंशिक चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा।

भारत में सबसे पहले अरुणालच प्रदेश में चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा।
इसके बाद यह गुवाहाटी, रांची, पटना, सिलीगुड़ी, कोलकाता में भी दिखेगा। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी चंद्रग्रहण को देखा जा सकेगा।
वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों में पूर्ण चंद्रग्रहण देखने को मिलेगा, वहीं अन्य हिस्सों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।
भारत में चंद्र ग्रहण चंद्रोदय के साथ ही शुरू हो जाएगा। आठ नंवबर को शाम 4 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा। चंद्रोदय का समय 5 बजकर 28 मिनट है।

अगल-अलग शहरों में चंद्रग्रहण का समय?
शहर कब से शुरू शहर कब से शुरू
दिल्ली 5.28 नोएडा 5.30
अमृतसर 5.32 लखनऊ 5.16
भोपाल 5.36 लुधियाना 5.34
जयपुर 5.37 शिमला 5.20
मुंबई 6.01 कोलकाता 4.52
रायपुर 5.21 पटना 5.00
इंदौर 5.43 देहरादून 5.22
उदयपुर 5.49 गांधीनगर 5.55

भारत के अलावा कहां-कहां देखा जा सकेगा?
भारत के अलावा, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, उत्तरी पूर्वी यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के अधिकांश हिस्से में साल का आखिरी चंद्र ग्रहण का नजारा दिखाई देगा। वहीं दक्षिणी पश्चिमी यूरोप और अफ्रीका में ग्रहण दिखाई नहीं देगा.

यह चन्द्रग्रहण भरणी नक्षत्र व मेष राशि पर लग रहा है। यह ग्रहण सम्पूर्ण भारत में दृश्य होगा।

चतुग्रही एक राशि पर एकत्र है व एक ही माह में दो ग्रहण लगने के प्रभाव वश सम्पूर्ण पृथ्वी पर इसका दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है जो की दोनों ग्रहण मंगलवार के ही दिन होने से अग्नि तत्व का उदय, विष्फोटक तत्वों का उदय हो सकता है व शाशको को हानि हो सकती है

अतः सम्पूर्ण जनमानस को चाहिए कि भगवान शिव व शक्ति की आराधना निष्ठा पूर्वक करें।

यह चन्द्रग्रहण मेष राशि व भरणी नक्षत्र पर लग रहा है।

गर्भवती मह‍िलाएं इसका रखें ध्‍यान

चन्द्रग्रहण में नौ घण्टे पूर्व ही सूतक प्रारम्भ हो जाएगा ।

बाल वृद्ध व रोगी को छोड़कर ग्रहण से नौ घण्टे पूर्व आहार वर्जित है।

गर्भवती महिलाओं को चाहिए की अपने शरीर के बराबर काला धागा नापकर दीवाल में कील के सहारे लटका देवें।

ग्रहण काल में शयन न करें। भोजन न करे व प्रसन्न चित्त रहते हुए अपने आराध्य देव से गर्भ शिशु के लिए कल्याण की कामना करें।

ग्रहण काल में किया हुआ जप तप सिद्धप्रद होता है। ज्योतिषाचार्य बताते है कि विशेष करके मेष राशि के लोगों को और भरणी नक्षत्र में जन्में लोगों को यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए।

चंद्रग्रहण में निम्न राशियों पर प्रभाव इस प्रकार से रहेगा

मेष : मानसिक कष्ट,कार्य क्षेत्र में बाधा

वृष : जीविका में अवरोध व मानसिक पीड़ा। मिथुन : मानसिक व शारीरिक कष्ट परन्तु अचानक धन लाभ कर्क : सुख की वृद्धि

सिंह : प्रतिष्ठा की हानि व्यवसाय में बाधा। कन्या : अकस्मात धन का नुकसान व शारीरिक कष्ट तुला : शत्रु भय,व्यवसाय में अवरोध।

वृश्चिक : व्यवसाय में वृद्धि परन्तु अचानक मानसिक कष्ट। धनु : अकस्मात्त धन लाभ,परन्तु मानसिक तनाव ।

मकर : अचानक मानसिक तनाव,परन्तु रुके हुये कार्य में सफलता।

 

कुम्भ : धन लाभ व यश की वृद्धि । मीन : अपव्यय परन्तु कार्यों में सफलता मिलेगी.

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